प्रधानमंत्री मोदी ने खुद को कार्यकर्ता और अध्यक्ष को जिस तरह अपना बॉस बताया था, उसी अंदाज में शुक्रवार को राज्य के सांसद, विधायक, पदाधिकारियों के सामने नितिन नवीन नजर आए। जिस बारीकी से उन्होंने हर बैठक में निर्देश दिए, उनके इस बॉस अंदाज के सभी कायल हो गए।
नितिन बॉस सभी बैठकों के लिए पहले से पूरी तैयारी करके पहुंचे थे। किसी ने गलत तथ्य बताने की कोशिश की तो उसे टोक दिया तो किसी को बोलने से रोक दिया। विधायकों ने कुछ बढ़ा चढ़ाकर बताने की कोशिश की तो उन्हें आईना भी दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। एक बूथ से लेकर प्रदेश के पदाधिकारी से अलग-अलग पूरी रिपोर्ट ली। उनकी रिपोर्ट में सुधार कराया तो जीत का फार्मूला भी सुझाया।
जुदा हैं युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष
राष्ट्रीय अध्यक्ष की गंभीरता, उनकी लगन, मेहनत को देखकर नेताओं की जुबां पर उनकी बॉडी लैंग्वेज की चर्चा दिखी। जिसे एक युवा अध्यक्ष मानकर चल रहे थे, उनका अंदाज सबको भा गया। वे अपनों से अपनेपन के साथ ही एक सख्त नेतृत्वकर्ता के तौर पर भी नजर आए। साफ संदेश दे गए कि पार्टी लाइन पर चलकर कैसे देवभूमि में लगातार तीसरी जीत पक्की करनी है।
विधायकों को सख्त संदेश, घर की बात कमरे के भीतर ही रखें
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने विधायकों को सख्त संदेश दिया कि अगर कोई मनमुटाव है तो घर की बात कमरे के भीतर ही रखें। सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से बचें। उन्होंने साफ किया कि संगठन फोरम पर अपनी बात रखें। कोई भी विषय है तो पार्टी हाईकमान से ही चर्चा करें। आगामी चुनाव के मद्देनजर उन्होंने विधायकों की छवि को अहम करार देते हुए कहा कि इसी से पार्टी की छवि भी बनती है।








