प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने काफिले में शामिल होने वाली गाड़ियों की संख्या को घटाकर अब आधा से भी कम कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया के संकट के बीच ईंधन बचाने और संसाधनों का सही इस्तेमाल करने के लिए सात अपील की थीं। इसी सिलसिले में यह फैसला लिया है।
ईंधन बचत पर जोर
सरकार अब इस बात पर जोर दे रही है कि सुरक्षा के सभी जरूरी नियमों का पालन करते हुए भी संसाधनों की बचत की जा सकती है। गृह मंत्री अमित शाह के काफिले से गाड़ियां कम करने का फैसला इसी कोशिश का हिस्सा है। इससे उनकी सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ेगा, बल्कि ईंधन के अनावश्यक खर्च को रोका जा सकेगा।
पीएम की अपील के बाद हुआ बदलाव
यह बदलाव प्रधानमंत्री मोदी के उस कदम के बाद आया है, जिसमें उन्होंने हाल ही में गुजरात और असम की यात्रा के दौरान अपने काफिले को छोटा कर दिया था। प्रधानमंत्री के लिए तय सुरक्षा नियमों का पूरा ध्यान रखते हुए भी उनके काफिले की गाड़ियों की संख्या कम रखी गई थी।
प्रधानमंत्री ने की थी अपील
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने हैदराबाद में दिए अपने भाषण के तुरंत बाद यह नियम लागू करने का मन बना लिया था। उन्होंने देश के नागरिकों से अपील की थी कि वे आयात किए जाने वाले ईंधन पर अपनी निर्भरता कम करें। इससे देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। प्रधानमंत्री के इस आह्वान के बाद ही अमित शाह ने भी अपने काफिले को छोटा करने का निर्णय लिया।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने अधिकारियों को एक और निर्देश दिया। उन्होंने कहा है कि उनके काफिले में जहां भी संभव हो, वहां इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) का उपयोग किया जाए। खास बात यह है कि इसके लिए कोई भी नई गाड़ी नहीं खरीदी जाएगी, बल्कि उपलब्ध संसाधनों का ही उपयोग होगा।
सिकंदराबाद में प्रधानमंत्री ने देशभक्ति की नई परिभाषा दी। उन्होंने कहा कि देशभक्ति सिर्फ सीमा पर जान देने का नाम नहीं है। आज के समय में जिम्मेदारी से रहना और देश के प्रति अपने कर्तव्यों को पूरा करना भी सच्ची देशभक्ति है। उन्होंने लोगों से सार्वजनिक परिवहन, कार-पूलिंग और इलेक्ट्रिक गाड़ियों के अधिक इस्तेमाल की अपील की। इसके अलावा, उन्होंने खाने के तेल और रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करने पर भी जोर दिया, ताकि देश का पैसा बाहर न जाए और देश सशक्त हो।








