देहरादून: संवाद- CM धामी बोले, चार साल में 11 हजार लोगों को मिला स्वरोजगार, वेन को दिखाई हरी झंडी

Spread the love

मुख्यमंत्री धामी ने कहा, प्रदेश में पशुपालन से पिछले चार साल में 11 हजार से अधिक लोगों को स्वरोजगार मिला। उन्होंने यह बात यहां निरंजनपुर में राज्यभर के पशु और मत्स्य पालकों से संवाद करतेे हुए कही। इस दौरान सीएम ने मत्स्य पालन के लिए रेफ्रिजरेटेड फिशरीज वेन को हरी झंडी दिखाई।

 

मुख्यमंत्री ने कहा, राज्य में मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन के तहत पशुधन इकाइयों की स्थापना की जा रही है, जिसमें पात्र लाभार्थियों को 90 फीसदी तक ऋण अनुदान मिल रहा है। गोट वैली और पोल्ट्री वैली जैसी योजनाओं से भी पशुपालकों को सहायता मिल रही है। मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन से करीब चार हजार से अधिक युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है। पशु स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 60 विकासखंडों में मोबाइल वेटरनरी यूनिट्स और हर जिले में मॉडल पशु चिकित्सालय बन रहे हैं। केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को वर्ष 2030 तक खुरपका-मुंहपका रोग मुक्त राज्य बनाने के लिए चुना है।

वहीं, पिछले चार वर्षों में राज्य के दुग्ध उत्पादन में प्रतिवर्ष लगभग 10 फीसदी की वृद्धि दर्ज हुई है और पिछले वर्ष दुग्ध उत्पादकों को लगभग 380 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा, मुख्यमंत्री धामी के मार्गदर्शन में पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन क्षेत्र में कई नवाचार हुए। राज्य में मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना लागू हुई है। उन्होंने बताया कि बद्री गाय के बद्री घी को देश में प्रथम जीआई टैग मिला, जिससे इसकी गुणवत्ता को वैश्विक पहचान मिली है।

 

ट्राउट फार्मिंग राज्य में स्वरोजगार का बड़ा माध्यम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, ट्राउट फार्मिंग राज्य में स्वरोजगार का बड़ा माध्यम है। इसे प्रोत्साहित करने के लिए पिछले वित्त वर्ष में 170 करोड़ रुपये की ट्राउट प्रोत्साहन योजना शुरू हुई। उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले में एक-एक ट्राउट हैचरी स्थापित की जा रही है। सरकार उत्तराखंड को हाई वैल्यू फिश प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करने पर भी काम कर रही है। इन प्रयासों से राज्य का मत्स्य क्षेत्र नौ फीसदी से अधिक की दर से वृद्धि कर रहा है।

और पढ़े  रुद्रप्रयाग- 2 स्कूलों में तोड़फोड़, स्मार्ट टीवी समेत सरकारी संपत्ति को पहुंचाया नुकसान, पुलिस जांच में जुटी

सफल पशुपालकों ने साझा किए अनुभव
हरिद्वार के पशुपालक हरिकिशन लखेड़ा ने बताया कि उन्होंने ब्रीड मल्टीप्लीकेशन फार्म योजना के तहत 50 गाय खरीदीं। इस योजना से वे प्रतिदिन 300 लीटर दूध का उत्पादन कर रहे हैं। इससे उन्हें प्रतिमाह एक लाख 15 हजार रुपये की शुद्ध आय हो रही है। डोईवाला के अमित सिंह ने गायों के चारे के लिए किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) की स्थापना की। उनके साथ 386 लोग जुड़े हैं और तीन साल में उनका 10 करोड़ रुपये से अधिक का टर्नओवर रहा है।


Spread the love
  • Related Posts

    कुदरत का कहर: उत्तराखंड में 91 सड़कें बंद, कश्मीर में क्लाउडबर्स्ट, हिमाचल में भारी बारिश का अलर्ट

    Spread the love

    Spread the love उत्तर भारत के पहाड़ी राज्य इस समय मानसून और प्राकृतिक आपदाओं की दोहरी मार झेल रहे हैं। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर (घाटी) में भारी बारिश, भूस्खलन…


    Spread the love

    देहरादून- बच्चे ने चॉकलेट खाकर रैपर जमीन पर फेंका, आगबबूला हुई महिला सफाईकर्मी, दी धमकी-जान से मार दूंगी

    Spread the love

    Spread the loveदून अस्पताल में उपचार के लिए आई एक महिला के बच्चे ने जमीन पर रैपर फेंक दिया तो महिला सफाईकर्मी ने उसे जान से मारने की धमकी दे…


    Spread the love