बनभूलपुरा कांड में जमानत हासिल कर चुके आरोपियों पर एक बार फिर पुलिस शिकंजा कसने की तैयारी में है। पुलिस ने इन आरोपियों की फाइलों का नए सिरे से अध्ययन शुरू कर दिया है ताकि दंगा और उपद्रव में शामिल लोगों की दोबारा पहचान कर सख्त कार्रवाई की जा सके।
मामले की जांच अब एसपी सिटी, सीओ हल्द्वानी, कोतवाली हल्द्वानी और बनभूलपुरा थाना प्रभारी स्तर पर की जाएगी। सर्विलांस और वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों को फिर से चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हिंसा में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी दोषियों को जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी। खास तौर पर जावेद सिद्दीकी और अरशद अयूब की डिफॉल्ट जमानत सुप्रीम कोर्ट से खारिज होने के बाद पुलिस ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। गौरतलब है कि 8 फरवरी 2024 को बनभूलपुरा में हुई हिंसा में नगर निगम और पुलिस के कई अधिकारी व कर्मचारी घायल हो गए थे। इस दौरान पुलिस की पिस्टल भी छीनी गई थी और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था।







