अबू धाबी- मिसाइल हमले के बाद गिरा मलबा: 5 भारतीय समेत कई घायल, यूएई ने अब तक कितने हमलों को किया नाकाम?

श्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई और कई खाड़ी देश मुश्किल में फंसे हैं। इसी बीच यूएई में एक और बड़ा हादसा सामने आया। अबू धाबी के अज्बान इलाके में मिसाइल हमले को रोकने के दौरान हवा में हुए विस्फोट के बाद मलबा गिरा, जिससे कम से कम 12 लोग घायल हो गए। इस घटना ने एक बार फिर दिखाया है कि क्षेत्र में चल रहा संघर्ष अब आम लोगों को भी सीधे प्रभावित कर रहा है।

 

यूएई के सरकारी मीडिया कार्यालय के अनुसार, यह घटना तब हुई जब एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान से दागी गई मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया। इसी दौरान उनके टुकड़े जमीन पर गिरे और लोगों को चोट लगी। अधिकारियों ने बताया कि घायलों में सात नेपाली नागरिक और पांच भारतीय शामिल हैं। एक नेपाली नागरिक की हालत गंभीर बताई गई है।

क्या मलबा गिरने से आम लोग हुए घायल?
इस घटना में साफ दिखा कि भले ही मिसाइलों को हवा में रोक लिया गया, लेकिन उनका मलबा जमीन पर गिरकर खतरा बन गया। अज्बान इलाके में गिरे टुकड़ों से 12 लोग घायल हुए। इनमें विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, जिससे यह साफ है कि इस संघर्ष का असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रह रहे लोगों पर भी पड़ रहा है। प्रशासन ने घायलों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।

क्या यूएई ने हमले को सफलतापूर्वक नाकाम किया?
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसने शुक्रवार को ईरान की ओर से दागी गई कुल 69 मिसाइल और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया। इनमें 18 बैलिस्टिक मिसाइल, चार क्रूज मिसाइल और 47 ड्रोन शामिल थे। इससे यह संकेत मिलता है कि हमले का स्तर काफी बड़ा था, लेकिन यूएई की रक्षा प्रणाली ने उसे काफी हद तक रोक लिया।

और पढ़े  कांग्रेस-टीवीके में हुई सुलह: राहुल गांधी को PM बनाने के लिए तैयार हुए CM विजय

अब तक यूएई पर ईरान ने कितने हमले किए?
यूएई के मुताबिक, जब से ईरान की ओर से हमले शुरू हुए हैं, तब से अब तक उसकी एयर डिफेंस सिस्टम 475 बैलिस्टिक मिसाइल, 23 क्रूज मिसाइल और 2,085 ड्रोन को इंटरसेप्ट कर चुकी है। ये आंकड़े बताते हैं कि संघर्ष लगातार तेज हो रहा है और हमलों की संख्या काफी ज्यादा है।

क्या विदेशी नागरिकों पर बढ़ रहा है खतरा?
इस घटना में भारतीय और नेपाली नागरिकों का घायल होना चिंता बढ़ाने वाला है। इससे यह साफ होता है कि खाड़ी देशों में काम कर रहे प्रवासी भी अब सीधे खतरे में हैं। ऐसे हालात में वहां रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा बड़ा मुद्दा बन गया है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। पश्चिम एशिया में जारी यह टकराव अब और खतरनाक रूप ले सकता है। मिसाइल और ड्रोन हमलों की बढ़ती संख्या और उनका असर आम लोगों तक पहुंचना चिंता का विषय है। अगर हालात ऐसे ही बने रहे तो आने वाले दिनों में और बड़े नुकसान की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

  • Related Posts

    हनुमान अंश: 31वें दिन 100 करोड़ पार, पहले 21 दिन में कमाए थे मात्र 12 करोड़, चौथे हफ्ते हुआ कैसा चमत्कार?

    फिल्म ‘हनुमान अंश’ सात अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। फिल्म को रिलीज हुए आज करीब एक महीना हो गया है और इसी के साथ इसने अपने नाम एक…

    जालंधर में पकड़ा गया FBI का मोस्ट वांटेड ठग: अब अमेरिका ले जाने की तैयारी

    अमेरिका की जांच एजेंसी एफबीआई ने कहा है कि वह भारत में पकड़े गए अपने पांचवें ‘मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर’ मनजीत सिंह बेदी को अमेरिका वापस लाने की प्रक्रिया पर काम…