तंगसीरी अलीरेजा: इस्राइली मीडिया का दावा- होर्मुज पर ताला लगाने वाले ईरानी नौसेना प्रमुख की मौत

रान रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना के कमांडर अलीरेजा तंगसीरी एक हवाई हमले में मारे गए। इस्राइली मीडिया ने एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से यह दावा किया। हालांकि, इस हमले की न तो ईरान की तरफ से और न ही इस्राइली सेना (आईडीएफ) की ओर से आधिकारिक पुष्टि की गई है।

तंगसीसी को सौंपी गई थी होर्मुज बंद करने की जिम्मेदारी
रिपोर्ट के मुताबिक, तंगसीसी आईआरजीसी की नौसेना के प्रमुख थे और उन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की जिम्मेदारी दी गई थी। वहीं, आईआरजीसी ने आज फिर से अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। बताया जा रहा है कि ईरान के उत्तरी हिस्से में बनियादी ढांचे और नागरिक इलाकों पर हमलों के जवाब में यह कार्रवाई की गई।

ईरान ने किए जवाबी हमले
आईआरजीसी और ईरानी सेना ने ‘ऑपरेशन टू प्रॉमिस 4’ के तहत बुधवार को कई जगह सैन्य कार्रवाई की। यह अभियान अमेरिका और इस्राइल के हमलों के तुरंत बाद शुरू किया गया था। ईरानी सशस्त्र बलों ने अब तक 82 मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं, जिनमें आधुनिक हथियारों इस्तेमाल हुआ। इन हमलों में इस्राइल के सैन्य ठिकाने और पश्चिम एशिया में फैले अमेरिकी सैन्य अड्डे रहे हैं।

हिजबुल्ला और इस्लामी रेजिस्टेंट समूह भी जंग में शामिल
इस संघर्ष में लेबनान का हिजबुल्ला और इराक का इस्लामी रेजिस्टेंट समूह भी शामिल हो गए हैं और उन्होंने अपने दुश्मन को भारी नुकसान पहुंचाने का दावा किया है।

जमीनी हमला किया तो गंभीर नतीजे होंगे: आईआरजीसी
आईआरजीसी ने अमेरिका और इस्राइल को चेतावनी भी दी कि अगर ईरान की जमीन पर जमीनी हमला किया गया, तो इसके गंभीर नतीजे होंगे। बयान में कहा गया कि नेतन्याहू और ट्रंप के बहकावे में आकर अपने बच्चों को जंग में न भेजें, क्योंकि हमला करने वाले सैनिक ईरान की जनता के बीच घिर जाएंगे और मारे जाएंगे।

और पढ़े  11 दिन बाद भी तबाही का कहर:- चीन-नेपाल आर्थिक गलियारा तबाह, मलबे से जिंदा निकलीं बुजुर्ग महिला और चीनी नागरिक

आईआरजीसी ने अमेरिकी जनता से की अपील
आईआरजीसी ने अमेरिकी लोगों से सीधे अपील करते हुए कहा कि उन्हें झूठ और गलत जानकारी के जरिये गुमराह किया जा रहा है। बयान में कहा गया कि इस जंग की सच्चाई अमेरिका में पेट्रोल पंपों, ईरान की सड़कों और तेल अवीव व हाइफा के आसमान में देखी जा सकती है।

82वीं एयरबोर्न डिविजन के सैनिक भेज सकता है अमेरिका
सीबीएस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन पश्चिम एशिया में 82वीं एयरबोर्न डिविजन के सैनिक भेज सकता है। एक सूत्र के हवाले से बताया गया कि इस डिवीजन के कुछ हिस्से को क्षेत्र में तैनात किया जा सकता है। अमेरिका खर्ग द्वीप पर संभावित जमीनी हमले पर विचार कर रहा है।

  • Related Posts

    ब्रिक्स समिट LIVE: रूसी राष्ट्रपति पुतिन शिष्टमंडल के साथ दिल्ली पहुंचे, ब्राजील समेत कई देशों के मेहमान भी आए

    रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ब्रिक्स देशों की शिखर बैठक के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत अन्य सदस्य देशों के मेहमान भी आज राष्ट्रीय…

    जेल में बिगड़ी मादुरो की पत्नी की सेहत: 11 किलो वजन घटा, दिल की बीमारी के बीच घर में नजरबंदी की मांग क्यों?

    वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की पत्नी और देश की पूर्व प्रथम महिला सीलिया फ्लोरेस ने अमेरिका की अदालत से जेल से बाहर आने की मांग की है। 69…