गृह मंत्री ने कार्यक्रम की शुरुआत से पूरे 30 मिनट के भाषण तक हर पहलू को छूने की कोशिश की। उन्होंने सबसे पहले सामने अलग मंच पर बैठे संतों को हाथ जोड़कर प्रणाम किया। इसके बाद उन्होंने राज्य आंदोलन की याद दिलाते हुए कहा कि एक जनता था जब अलग राज्य, अलग पहचान, संस्कृति को बचाने के लिए यहां के युवा मैदान में संघर्ष कर रहे थे। उस वक्त कांग्रेस-समाजवादी पार्टी ने नमद किया।
अनेक युवाओं ने अपना बलिदान दिया। कहा, रामपुर तिराहा कांड आज भी प्रदेशवासी भूले नहीं हैं। शाह ने कहा, मुझे याद है जबकि 2017 में त्रिवेंद्र मुख्यमंत्री बने थे तो मैंने कहा था कि यह राज्य अटल जी ने बनाया था और मोदी जी संवारेंगे।