CM का सख्त फरमान-जमा किया पेट्रोल-डीजल और गैस तो होगी सख्त कार्रवाई,नहीं है प्रदेश में कमी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को आगामी पर्व-त्योहारों, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा तथा अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों के दृष्टिगत कानून-व्यवस्था एवं प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने हालिया वैश्विक परिस्थितियों के परिप्रेक्ष्य में पेट्रोल- डीजल की उपलब्धता जानने के बाद कहा कि प्रदेश में कहीं भी पेट्रोल और डीजल की कमी नहीं है। आपूर्ति और वितरण सामान्य है। अधिकारियों से कहा कि कहीं भी किसी प्रकार की घबराहट या कृत्रिम संकट की स्थिति न बनने पाए।

 

सीएम ने खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। अधिकारी फील्ड में उतर कर निरीक्षण करते रहें। जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रखी जाए। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।

वहीं चैत्र नवरात्र की तैयारियों की समीक्षा के दौरान कहा कि देवीपाटन मंदिर (बलरामपुर), शाकुंभरी देवी (सहारनपुर), मां विंध्यवासिनी धाम (मिर्जापुर), ललिता देवी (सीतापुर) सहित प्रमुख शक्तिपीठों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आएंगे। अयोध्या में 27 मार्च को श्रीरामनवमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन, पेयजल, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था की जाए। पुलिस भीड़ प्रबंधन और फुट पेट्रोलिंग की कार्ययोजना लागू करे। वहीं 19 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अयोध्या और मथुरा आगमन प्रस्तावित है। सभी प्रोटोकॉल व्यवस्थाएं समय से की जाएं। बैठक में सभी मंडलायुक्त, डीएम, एडीजी (जोन), पुलिस आयुक्त, आईजी (रेंज), एसपी सहित शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

21 मार्च तक का समय संवेदनशील
सीएम ने कहा कि 13 मार्च को अलविदा की नमाज के बाद 14-15 मार्च को सब-इंस्पेक्टर एवं समकक्ष पदों की लिखित परीक्षा है। वहीं 20-21 मार्च को ईद-उल-फितर मनाए जाने की संभावना है। यह अवधि कानून-व्यवस्था की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है, लिहाजा पूरी सतर्कता बरती जाए। किसी भी प्रकार की नई परंपरा शुरू करने की अनुमति न दी जाए। समाज-विरोधी अथवा राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए।

परीक्षा में रहें पुख्ता बंदोबस्त
उन्होंने एसआई भर्ती परीक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि अभ्यर्थियों के अन्य जिलों से आने की संभावना को देखते हुए प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। परीक्षा की शुचिता, और गोपनीयता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। इंटेलिजेंस तंत्र पूरी तरह सक्रिय और सतर्क रहे। सोशल मीडिया पर सतत निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना का तत्काल खंडन किया जा सके। प्रत्येक परीक्षा केंद्र के बाहर पीआरवी-112 अनिवार्य रूप से तैनात रहे।

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