ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को उनका उत्तराधिकारी घोषित किया गया है। ईरानी सरकारी टीवी ने सोमवार तड़के इसकी घोषणा की। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद शुरू हुआ युद्ध अब एक नाटकीय मोड़ पर पहुंच गया है। मोजतबा खामेनेई को लंबे समय से इस पद का संभावित दावेदार माना जा रहा था। उल्लेखनीय है कि मोजतबा ने इससे पहले कभी भी किसी सरकारी पद के लिए चुनाव नहीं लड़ा और न ही उन्हें किसी पद पर नियुक्त किया गया था।
ईरान की ताकतवर धार्मिक विशेषज्ञ सभा ने किया मोजतबा का चुनाव
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- ईरान की 88 सदस्यीय धार्मिक विशेषज्ञ सभा ने मोजतबा को देश का नया सुप्रीम लीडर चुना। ईरान की धार्मिक विद्वान सभा, धार्मिक विद्वानों का समूह है, जो सर्वोच्च नेता का चयन करता है। सरकारी टीवी ने एक बयान पढ़कर सुनाया जिसमें कहा गया कि उन्हें मजबूत समर्थन के आधार पर चुना गया है और देशवासियों से उनके पीछे एकजुट होने की अपील की गई। साथ ही तेहरान के सार्वजनिक स्थानों पर लोगों के जश्न मनाने के दृश्य भी दिखाए गए।
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- लगभग आधी सदी पहले हुई इस्लामी क्रांति के बाद से सर्वोच्च नेता के पद पर सत्ता का यह केवल दूसरा हस्तांतरण है।
- मोजतबा खामेनेई पिछले कई दिनों से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए थे। अब वह ईरान की सत्ता व्यवस्था के केंद्र में होंगे और राज्य के सभी महत्वपूर्ण मामलों पर अंतिम निर्णय उन्हीं का होगा। वे सेना और शक्तिशाली अर्धसैनिक संगठन रिवोल्यूशनरी गार्ड के सर्वोच्च कमांडर भी होंगे।
मोजतबा खामेनेई को अमेरिका के विरोध का सामना करना पड़ सकता है
मोजतबा खामेनेई को अमेरिका के विरोध का सामना करना पड़ेगा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था, ‘खामेनेई का बेटा मेरे लिए स्वीकार्य नहीं है। हम चाहते हैं कि ईरान में ऐसा व्यक्ति सत्ता में आए जो शांति और सौहार्द लाए।’ व्हाइट हाउस ने इस पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की। ट्रंप ने एक मीडिया चैनल से बातचीत में कहा था कि, ‘मेरी मंजूरी के बिना कोई नया नेता ज्यादा समय तक नहीं टिक पाएगा।’ ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने एक बयान जारी कर मोजतबा खामेनेई के समर्थन का ऐलान किया, जबकि ईरान समर्थित लेबनानी संगठन हिजबुल्लाह ने टेलीग्राम पर उनकी तस्वीर साझा करते हुए उन्हें इस्लामी क्रांति का नेता बताया।







