पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। अमेरिका और इस्राइल की तरफ से ईरान पर ताबड़तोड़ हमलों उसके सैन्य अधिकारियों को मार गिराने के बाद से स्थिति तनावपूर्ण है। ईरान भी जवाब में इस्राइल के प्रमुख शहरों और पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है।
इस बीच सामने आया है कि शनिवार को जब अमेरिका और इस्राइल ने अपने संयुक्त अभियान की शुरुआत की थी तो इसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के ठिकानों को सबसे पहले निशाना बनाया गया था। रविवार सुबह इसकी पुष्टि हुई है कि खामेनेई के साथ-साथ उनके परिवार के कई सदस्य इस हमले की चपेट में आ गए। माना जा रहा है कि ईरान के सुप्रीम लीडर को निशाना बनाकर अमेरिका और इस्राइल की मंशा देश के शासन में बदलाव की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ही एक ट्रूथ सोशल पोस्ट में अपने इरादे जाहिर भी कर दिए और देश की जनता से इस मौके का फायदा उठाने के लिए कहा।
खामेनेई की गैरमौजूदगी में कौन-कौन होगा सुप्रीम लीडर पद का दावेदार?
1. मोजतबा खामेनेई
ईरान इंटरनेशनल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, देश में अगले सर्वोच्च नेता के लिए मोजतबा खामेनेई की दावेदारी सबसे मजबूत है। मोजतबा मौजूदा सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के दूसरे बेटे हैं और राजनीतिक तौर पर सबसे ज्यादा सक्रिय हैं। मोजतबा खामेनेई का जन्म साल 1969 में ईरान के मशहद में हुआ था। ईरान की सरकार में मोजतबा खामेनेई का गहरा प्रभाव है और कहा जाता है कि ईरान की खुफिया और सशस्त्र सेनाओं में भी मोजतबा खामेनेई के करीबी शामिल हैं।
मोजतबा ईरान-इराक में हुए युद्ध में भी भाग ले चुके हैं। उन्होंने धार्मिक शिक्षा हासिल की है और वे इस्लामिक मामलों के जानकार हैं, लेकिन उनकी गिनती शीर्ष स्तर के धर्मगुरुओं में नहीं होती है। मोजतबा साल 1990 से ईरान की राजनीति में पर्दे के पीछे से सक्रिय हैं। 2005 तक लोगों की नजर से दूर रहे मोजतबा की मोहम्मद अहमदिनेजाद को ईरान का राष्ट्रपति बनाने में अहम भूमिका रही थी। हालांकि, बाद में दोनों में विवाद हो गया और अहमदीनेजाद ने मोजतबा पर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया।








