बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव के लिए 299 सीटों पर मतदान शुरू हो गया है। यह चुनाव शेख हसीना के हटने के बाद पहला आम चुनाव है। मुख्य मुकाबला बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी के बीच है। अवामी लीग चुनाव से बाहर है। करीब नौ लाख सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।
कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान
बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव के लिए मतदान शुरू होते ही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। राजधानी ढाका समेत देशभर में पोलिंग सेंटरों पर कड़े इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष कराने के लिए अब तक की सबसे बड़ी सुरक्षा तैनाती बताई जा रही है।
ढाका के गुलशन मॉडल स्कूल और कॉलेज में बने पोलिंग सेंटर पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी लाइनें देखी गईं। केंद्र के बाहर बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है। प्रवेश से पहले जांच की जा रही है और केवल अधिकृत लोगों को ही अंदर जाने दिया जा रहा है। पुलिस और अर्धसैनिक बल लगातार गश्त कर रहे हैं।
कितने अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक तैनात?
बांग्लादेश के मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि मतपत्र केवल सही पहचान के बाद जारी किए जा रहे हैं और कानून के मुताबिक गुप्त मतदान कराया जा रहा है। किसी भी विवाद का निपटारा तय कानूनी प्रक्रिया से होगा। उनके अनुसार करीब 330 अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक और 160 से अधिक विदेशी पत्रकार चुनाव प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं।
300 में से 299 सीटों में मतदान, जानें कहां नहीं हो रही वोटिंग
बांग्लादेश के शेरपुर-3 संसदीय क्षेत्र में चुनाव आयोग ने मतदान स्थगित कर दिया है। यह फैसला बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार नुरुज्जमान बादल के निधन के बाद लिया गया। चुनाव आयुक्त अब्दुर रहमानेल मसूद ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि इस सीट पर चुनाव फिलहाल रद्द माना जाएगा। आयोग के मुताबिक इस क्षेत्र के लिए नई चुनाव तिथि बाद में घोषित किया जाएगा। बाकी संसदीय क्षेत्रों में तय कार्यक्रम के अनुसार मतदान जारी है, लेकिन शेरपुर-3 सीट पर मतदाता अब नए शेड्यूल का इंतजार करेंगे। यह फैसला चुनाव नियमों के तहत उम्मीदवार की मृत्यु की स्थिति में लिया गया है।






