Encounter: गढ़चिरौली मुठभेड़ में 25 लाख का इनामी नक्सली प्रभाकर ढेर, 3 महिलाओं समेत 7 माओवादी मारे गए

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हाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली जिले में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस के साथ हुई एक मुठभेड़ में तेलंगाना का कुख्यात नक्सली प्रभाकर उर्फ लोकेटी चंदर राव, जिस पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था, मारा गया। पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई में कुल सात नक्सली ढेर किए गए हैं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रभाकर नक्सली संगठन का शीर्ष कैडर नेता था और महाराष्ट्र-तेलंगाना सीमा पर माओवादी गतिविधियों को अंजाम देने में उसकी अहम भूमिका रही है। वह लंबे समय से सुरक्षाबलों की हिट लिस्ट में था और उस पर कई गंभीर नक्सली वारदातों में शामिल होने के आरोप थे।

तीन दिन से चल रहा था ऑपरेशन
इस अभियान में गढ़चिरौली पुलिस की विशेष नक्सल विरोधी इकाई ‘सी-60’ की 14 टुकड़ियों ने नारायणपुर–गढ़चिरौली सीमा पर फोडेवाड़ा गांव के पास मोर्चा संभाला। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच यह मुठभेड़ पिछले तीन दिनों से चल रही थी। जंगलों में चलाए गए व्यापक तलाशी और घेराबंदी अभियान के दौरान नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग की, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई में सात माओवादी मारे गए। पुलिस ने बताया कि मारे गए सात नक्सलियों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं। गुरुवार रात को तीन नक्सलियों के शव बरामद किए गए, जबकि शुक्रवार को इलाके से चार और शव मिले। इलाके में सघन तलाशी अभियान अभी भी जारी है, क्योंकि कुछ और नक्सलियों के छिपे होने की आशंका जताई जा रही है।

कैसे हुई मुठभेड़
गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने गडचिरोली के जंगल क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया। इसी दौरान नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में मुठभेड़ हुई। कई घंटों तक चली इस कार्रवाई में सात माओवादी मारे गए। मौके से तीन एके-47 राइफल, एक एसएलआर और एक .303 राइफल भी बरामद की गई हैं। प्रभाकर के अलावा अन्य मारे गए नक्सलियों की पहचान अभी की जा रही है।

नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी मजबूती
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान में एक अहम उपलब्धि है। प्रभाकर जैसे शीर्ष नक्सली के मारे जाने से गडचिरोली और आसपास के इलाकों में माओवादी गतिविधियों पर असर पड़ेगा और सुरक्षा स्थिति मजबूत होगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बहाल करने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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घायल जवान ने तोड़ा दम, एक खतरे से बाहर
इस बीच नक्सल विरोधी अभियान में घायल होने के बाद सी-60 जवान दीपक चिन्ना मदावी (38), जिनको पहले भामरागड ले जाया गया था, उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अधिकारियों के अनुसार, शहीद जवान मडावी का अंतिम संस्कार शनिवार को उनके पैतृक गांव में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। एक अन्य घायल जवान, जोगा मदावी को भी एयरलिफ्ट करके भामरागड ले जाया गया है। पुलिस ने बताया कि वह खतरे से बाहर हैं और उन्हें जल्द ही गढ़चिरोली ले जाया जाएगा। 


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