केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार अपना नौवां बजट पेश कर रही है। लोकसभा में उनका बजट भाषण जारी है।
ग्रामीण महिलाओं की अगुआई वाले उद्यमों के लिए शी-मार्ट्स
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण के दौरान बताया कि ग्रामीण महिलाओं की अगुआई वाले उद्यमों के लिए स्व-सहायता उद्यम यानी शी-मार्ट्स की शुरुआत होगी।
Budget Live: बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के लिए क्या एलान?
अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने बताया कि इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के लिए क्या योजनाएं बनाई गई हैं। उन्होंने कहा- पिछले दशक में सरकार ने इन्फ्रा निवेश पर काफी ध्यान दिया। वहीं पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में इन्फ्रा और बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर जारी रहेगा। इसके लिए-
- 2026-27 में पूंजीगत खर्च को 12.2 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव।
- आंशिक लोन गारंटी के लिए इन्फ्रा जोखिम गारंटी निधि स्थापित होगी।
- समर्पित आरईआईटी से रियल एस्टेट परिसंपत्तियों की रिसाइक्लिंग में तेजी का प्रस्ताव।
- कार्गो के पर्यावरण अनुकूल आवागमन को बढ़ावा देने के लिए कई प्रस्ताव लाए जाएंगे।
- पूर्व में डानकूनी से पश्चिम में सूरत तक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनेगा।
Budget 2026 Live: बजट में पर्यटन और खेल के लिए क्या?
वित्त मंत्री ने अपने भाषण में बताया कि बजट में पर्यटन, वर्ल्ड ट्रैकिंग एंड हाइकिंग और खेल के लिए क्या-क्या योजनाएं हैं। इसके तहत-
- पर्यटन: नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी की स्थापना होगी। 20 प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर 10 हजार गाइड्स के कौशल बढ़ाने की योजना शुरू होगी। नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड स्थापित होगी।
- वर्ल्ड ट्रैकिंग एंड हाइकिंग: हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर, अराक्कू घाटी में माउंटेन ट्रेल्स बनेंगे। ओडिशा, कर्नाटक, केरल में टर्टल ट्रेल्स बनेंगे।
- धोलावीरा जैसे 15 पुरातात्विक स्थलों को सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा।
- खेल: खेलो इंडिया मिशन की स्थापना होगी। अगले 10 वर्ष में इसके तहत काम किया जाएगा। इसके तहत प्रशिक्षण केंद्र बनाएंगे। व्यवस्थित तरीके से कोच और सपोर्ट स्टाफ को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रतियोगिताएं और लीग होंगी। खेल ढांचे को प्रशिक्षण और प्रतियोगिता के लिए विकसित किया जाएगा।
Budget 2026 Live: बजट में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के लिए क्या?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में बताया कि स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के लिए क्या घोषणाएं की गई। इसमें-
- शिक्षा से रोजगार और उद्यम पर फोकस किया जाएगा। विकसित भारत का कोर ड्राइवर सेवा क्षेत्र रहेगा। इसके लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाई जाएगी, जो AI समेत प्रौद्योगिकियों से पड़ने वाले असर का आकलन करेगी।
- दक्षता आधारित रोजगार पर ध्यान दिया जाएगा। स्वास्थ्य पेशेवर बनाने वाले संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा। रेडियोलॉजी, एनेस्थीशिया जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा। अगले पांच वर्ष में एक लाख AHP जोड़े जाएंगे। 1.5 लाख केयर गिवर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा।
- मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाए जाएंगे। इसमें निजी क्षेत्र की सहभागिता रहेगी। हेल्थकेयर कॉम्प्लेक्स बनेंगे। इनमें आयुष केंद्र होंगे। डायग्नोस्टिक, पोस्टर केयर और रीहैब के केंद्र रहेंगे। इससे स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
- दुनियाभर में सम्मान हासिल कर चुकी प्राचीन योग पद्धति और आयुर्वेद पर जोर दिया जाएगा। तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेदिक संस्थान बनाए जाएंगे।
- ऑरेंज इकोनॉमी: गेमिंग, कॉमिक जैसे सेक्टर में 2030 तक 20 लाख पेशेवरों की जरूरत है। AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित होंगी। पूर्वी भारत में नए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान की स्थापना होगी।
- शिक्षा: पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप की बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक गलियारों के पास स्थापना होगी। हर जिले में एक महिला छात्रावास बनेगा।
Budget Live: कपड़ा उद्योग के लिए बजट में क्या?
वित्त मंत्री ने इस दौरान बताया कि कपड़ा उद्योग के लिए बजट में क्या-क्या घोषणाएं शामिल हैं। इसके तहत
- रेशम ऊन और जूट से जुड़े फाइबरों में आत्मनिर्भरता के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना लाई जाएगी। पारंपरिक क्लस्टरों के आधुनिकीकर के लिए वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना आएगी। बुनकरों और कारीगरों की मदद के लिए राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम लाए जाएंगे।
- वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी और परिधाओं को बढ़ावा देने के लिए टैक्स-इको पहल।
- वस्त्र कौशल परिवेश के आधुनिकीकरण और उन्नयन के लिए समर्थ 2.0 का एलान।
- मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव।
- महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का प्रस्ताव। हथकरघा उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने की जरूरत। यह प्रशिक्षण कौशल और उत्पादन गुणवत्ता को बेहतर बनाएगा। योजना से एक जिला-एक उत्पाद पहल और ग्रामीण युवाओं को लाभ मिलेगा।
Budget 2026 Live: पांच वर्ष में 20 नए जल मार्ग और सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का एलान
अपने बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने बताया कि पांच वर्ष में 20 नए जल मार्ग शुरू होंगे। वाराणसी और पटना में जहाज मरम्मत सुविधा स्थापित होगी। समुद्री विमान वीजीएफ योजना की शुरुआत होगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान एलान किया कि देश में सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इसमें मुंबई पुणे, पुणे हैदराबाद, हैदराबाद बंगलूरू, हैदराबाद चेन्नई, चेन्नई बंगलूरू, दिल्ली वाराणसी और वाराणसी सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर शामिल है।
आर्थिक विकास में तेजी लाने के लिए प्रस्ताव
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि आर्थिक विकास में तेजी लाने के लिए छह क्षेत्रों में पहलों का प्रस्ताव है।
- आर्थिक विकास में तेजी लाने के लिए सात क्षेत्रों में पहल शुरू करने का प्रस्ताव। रणनीतिक और अग्रणी क्षेत्रों में विनिर्माण को तेज करना।
- विरासत के औद्योगिक क्षेत्रों का कायाकल्प करना।
- चैंपियन एमएसएमई का निर्माण करना।
- अवसंरचना को सशक्त प्रोत्साहन प्रदान करना।
- दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और स्थायित्व सुनिश्चित करना।
- शहरों में आर्थिक क्षेत्र विकसित करना।
टेक्सटाइल: राष्ट्रीय फाइबर योजना के तहत रेशम और जूट पर जोर दिया जाएगा। साथ ही रोजगार बढ़ाने के प्रयास होंगे। हैंडलूम मिशन के जरिए भी प्रोत्साहन दिया जाएगा। समर्थ-2.0 के जरिए इस क्षेत्र को बढ़ावा दिया जाएगा। मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित किए जाएंगे। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू होगी। इसके जरिए खादी, हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट पर जोर दिया जाएगा। इससे गांवों, एक जिला-एक उत्पादन और ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले युवाओं को बढ़ावा मिलेगा। स्पोट्स गुड के विनिर्माण, नवाचार और शोध पर जोर दिया जाएगा। 200 लीगेसी क्लस्टर पर ध्यान दिया जाएगा।
चैम्पियन एमएसएमई: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को 10 हजार करोड़ की विकास निधि का प्रस्ताव रहेगा। आत्मनिर्भर भारत निधि में दो हजार करोड़ रुपये के टॉप-अप का प्रस्ताव रहेगा। तरलता बढ़ाने के लिए लेनदेन निपटान प्लेटफॉर्म बनेगा। क्रेडिट गारंटी सपोर्ट दिया जाएगा।
कॉर्पोरेट मित्र: टियर-टू और टियर-3 कस्बों में कॉर्पोरेट मित्र बनाए जाएंगे। इससे पेशेवर संस्थानों को सुविधा मिलेगी। पांच लाख से ज्यादा आबादी वाले टियर-टू और टियर-3 में विकास पर ध्यान दिया जाएगा। आंशिक लोन गारंटी के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर जोखिम गारंटी निधि स्थापित होगी।
रिफॉर्म के लिए सरकार ने कई कदम उठाए- वित्त मंत्री
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने संबोधन में कहा- रिफॉर्म के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री ने 2025 के स्वतंत्रता दिवस पर घोषणा की थी। इसके बाद कई सुधार लाए गए हैं। उच्च स्तरीय समितियां गठित की गई हैं। केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ काम कर रही हैं ताकि सुधार लाए जा सकें। रिफॉर्म एक्सप्रेस अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही है। पहले कर्तव्य के तहत छह क्षेत्रों में कदम उठाए जाएंगे। जैसे- सात क्षेत्रों पर फोकस होगा। चैम्पियन एमएसमएई पर ध्यान दिया जाएंगे। शहरी क्षेत्रों में आर्थिक ढांचा मजबूत होगा।
- बायो फार्मा शक्ति: इसमें ज्ञान, टेक्नोलॉजी और नवाचार के जरिए विकास होगा। किफायती दवाओं पर ध्यान दिया जाएगा। भारत को वैश्विक बायो फार्मा हब बनाने पर ध्यान दिया जाएगा। इस पर अगले पांच साल में 10 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। बायो फार्मा के तीन नए राष्ट्रीय संस्थान बनेंगे। सात मौजूदा संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा। सेंट्रल ड्रग कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन को अपग्रेड किया जाएगा।
- सेमी कंडक्टर मिशन: इसमें उद्योग आधारित प्रशिक्षण केंद्रों पर ध्यान दिय जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्यूफैक्चरिंग स्कीम के तहत लक्ष्य से दोगुना हासिल किया जा चुका है। इसमें 40 हजार करोड़ रुपये के खर्च का प्रस्ताव रखा जा रहा है।
वित्त मंत्री ने बताए सरकार के तीन कर्तव्य
वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि- पीएम मोदी के नवोन्मेषी विचार विशेष युवा शक्ति संचालित बजट का आधार बना है। सरकार का संकल्प गरीब, शोषित और वंचितों पर ध्यान देना है। कर्तव्य भवन में तैयार होने वाला यह पहला बजट है।
- हमारा पहला कर्तव्य आर्थिक विकास को तेज और सतत बनाए रखना है।
- हमारा दूसरा कर्तव्य अपने लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और क्षमताओं का निर्माण विकसित करना है।
- हमारा तीसरा कर्तव्य- सबका साथ, सबका विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप विकास है।
वित्त मंत्री ने आगे कहा- इस त्रि-आयामी दृष्टिकोण के लिए सहायक परिवेश की आवश्यकता है। हमारी पहली आवश्यकता ढाचांगत सुधारों की गति को अनुकूल और प्रगतिशील बनाए रखना है। दूसरी आवश्यकता दक्षतापूर्ण पूजी आवंटन और जोखिमों के बेहतर प्रबंधन का आधार रखना है। तीसरी आवश्यकता एआई एप्लीकेशन और अति उन्नत प्रौद्योगिकियों को सुशासन में सहायक बनाना है।
वित्त मंत्री अपने भाषण में कहा- रोजगार सृजन और विकास में तेजी लाने के लिए हमने व्यापक सुधार किए हैं। प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद हमने 350 से अधिक आर्थिक सुधारों को शुरू किया। जीएसटी का सरलीकरण, श्रम संहिताओं को अधिसूचित करना इन सुधारों का हिस्सा रहा है। इसके अलावा उच्च स्तरीय समितियों को गठित कर केंद्र और राज्य सरकारों ने मिलकर काम किया है। सुधार एक्सप्रेस अपने मार्ग पर तेजी से चल पड़ी है।







