अयोध्या नगर निगम ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अनूठी पहल की शुरुआत की है। महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने कृष्णानगर वार्ड में चिंतन इन्वायरमेंटल रिसर्च एंड एक्शन ग्रुप, एसवीआई फाउंडेशन और एसबीआई कंजर्व के सहयोग से एक भव्य समारोह में ‘बर्तन भंडार’ का लोकार्पण किया। इस भंडार को स्थानीय स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौंपा गया है, जिसका उद्देश्य सामुदायिक आयोजनों में एकल उपयोग वाले प्लास्टिक (सिंगल यूज प्लास्टिक) के विकल्प के रूप में बर्तनों का उपयोग करना है। इससे न केवल प्लास्टिक कचरे में कमी आएगी, बल्कि यह पहल नागरिकों के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाने और अयोध्या को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लक्ष्य को मजबूती देने का माध्यम भी बनेगी।इसी कार्यक्रम के दौरान ‘वेस्ट नो मोर इन अयोध्या’ अभियान के तहत डस्टबिन का वितरण भी किया गया। महापौर ने उपस्थित नागरिकों से कचरा प्रबंधन को वैज्ञानिक और प्रभावी बनाने के लिए गीला कचरा हरे डस्टबिन में और सूखा कचरा नीले डस्टबिन में डालने की अपील की। उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा चार वार्डों में 10 हजार डस्टबिन और कपड़े के झोले वितरित किए जाएंगे, ताकि लोग प्लास्टिक के थैलों के प्रयोग से बच सकें। नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने इस अवसर पर कहा कि सामुदायिक बर्तन भंडार और कचरा पृथक्करण जैसी पहल स्वच्छ और सतत शहरी विकास की दिशा में एक मजबूत आधारशिला है। कार्यक्रम का संचालन आलोक सिंह राना एवं एकता भटनागर ने किया, जिसमें पार्षद रमाशंकर निषाद और सहायक नगर आयुक्त गुरुप्रसाद पाण्डेय सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।स्वच्छता अभियान के साथ-साथ जनसमस्याओं के समाधान के लिए भी नगर निगम सक्रिय है। ‘नगर की सरकार आपके द्वार’ अभियान के तहत महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी और नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार शनिवार, 31 जनवरी को सुबह 7:30 बजे अवधपुरी वार्ड का भ्रमण करेंगे। जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार पांडे के अनुसार, इस दौरान महापौर स्थानीय लोगों की शिकायतें और समस्याएं सीधे सुनेंगे और उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित कराएंगे। भ्रमण के दौरान जलकल, स्वास्थ्य, प्रकाश और निर्माण विभाग की टीमें भी मौके पर मौजूद रहेंगी ताकि समस्याओं का यथासंभव समाधान तुरंत किया जा सके। नगर आयुक्त ने सभी विभागाध्यक्षों को अपनी-अपनी टीमों के साथ निर्धारित समय पर वार्ड में उपस्थित रहने के निर्देश जारी किए हैं।








