रामनगरी अयोध्या के धार्मिक वैभव के साथ अब इसकी प्राकृतिक विरासत को भी नई पहचान दिलाने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी वन डिस्ट्रिक्ट-वन वेटलैंड योजना के अंतर्गत अयोध्या जिले के ऐतिहासिक समदा ताल का चयन किया गया है। यह ताल सोहावल तहसील में 56.1 हेक्टेयर में फैला हुआ है, जिसे वेटलैंड के रूप में विकसित कर पक्षी विहार और ईको-टूरिज्म केंद्र के तौर पर स्थापित किया जाएगा।
इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए अयोध्या वन प्रभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रभागीय वनाधिकारी ने इस संबंध में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (परियोजना) लखनऊ को पत्र भेजकर समदा ताल को जिले के प्रमुख वेटलैंड के रूप में विकसित करने की जानकारी दी है।
समदा ताल विशालता और शांत वातावरण के कारण पक्षियों को आकर्षित करता रहा है। यहां साइबेरिया, ऑस्ट्रेलिया, नेपाल सहित अन्य देशों से आने वाले प्रवासी पक्षियों की मौजूदगी देखी जाती है। योजना के तहत ताल क्षेत्र में प्राकृतिक तरीके से मिट्टी के टीले, घास के मैदान और देसी प्रजातियों का पौधरोपण किया जाएगा, ताकि पक्षियों को प्रजनन, विश्राम और सुरक्षित आवास मिल सके। इससे क्षेत्र की जैव विविधता को मजबूती मिलेगी।








