PM मोदी ने देश को दी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात, जानिए क्या हैं इसकी खासियत-किराया

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प्रधानमंत्री मोदी आज पश्चिम बंगाल दौरे पर हैं, जहां उन्होंने मालदा से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वंदे भारत ट्रेन पश्चिम बंगाल के हावड़ा से गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच चलेगी। इस वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के साथ भारतीय रेलवे आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है।

 

यात्रियों को मिलेगा शानदार, आरामदायक यात्रा का अनुभव

  • अभी जो वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं, वो दिन में यात्रा के लिए हैं, और उनमें बैठकर यात्रा करने की ही सुविधा उपलब्ध है और उनमें लंबी दूरी की यात्रा थोड़ी मुश्किल है। अब स्लीपर वंदे भारत ट्रेन में रात में यात्रा की सुविधा दी गई है, जिसमें यात्री आराम से लेटकर यात्रा कर सकेंगे।
    • पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन बंगाल के हावड़ा से असम के गुवाहाटी के बीच संचालित होगी, जो पूर्वी भारत को उत्तर पूर्वी भारत से जोड़ने वाला अहम कॉरिडोर है।
  • वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से हावड़ा और गुवाहाटी के बीच की यात्रा में अभी करीब 17 घंटे का समय लगता है, जो अब घटकर 14 घंटे रह जाएगा।
  • वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में 16 आधुनिक कोच हैं, जिनमें कुल 1128 यात्री सफर कर सकते हैं। इन कोच में एयरोडायनामिक्स डिजाइन का इस्तेमाल किया गया है, जिससे हवा का दबाव कम पड़ेगा और लोगों को आरामदायक और शांत यात्रा का अनुभव होगा।
    • वंदे भारत एक्सप्रेस का वजन दूसरी गाड़ियों से 10-20 फीसदी कम रहता है। रेलगाड़ी के हर पहिये पर लगी ट्रैक्शन मोटर एक सुरक्षित सफर की गारंटी होती है। यही वह तकनीक है, जिससे गाड़ी बिना किसी देरी के स्पीड पकड़ लेती है। अगर आपातकालीन ब्रेक का इस्तेमाल करना पड़े, तो भी यह गाड़ी बिना ट्रैक छोड़े तुरंत रुक जाती है। बता दें कि दिल्ली मेट्रो ट्रेन के पहियों में भी ट्रैक्शन मोटर लगी होती है। इसी के चलते मेट्रो चंद सेकेंड में रफ्तार पकड़ लेती है, तो दूसरी ओर वह तेज गति में होने के बावजूद तुरंत रुक भी जाती है।
    • वंदे भारत स्लीपर ट्रेन 180 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ सकती है। ट्रेन में आधुनिक सस्पेंशन सिस्टम का भी इस्तेमाल किया गया है, जिससे ट्रेन में झटके और कंपन कम होगी और यात्री आरामदायक यात्रा का आनंद ले सकेंगे।
    • वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में लगाई गईं स्लीपर बर्थ भी बेहद खास हैं और ये शरीर के लिए ज्यादा आरामदायक होंगी और इन पर आराम करते समय लोगों को बहुत आराम मिलेगा।
    • ट्रेन में सामान रखने के लिए भी पर्याप्त स्थान दिया गया है। इसके लिए ओवरहेड रैक और सीट के नीचे भी रैक दी गई हैं। कोच में लगेज एरिया भी है, जहां बड़े सूटकेस आदि रखे जा सकेंगे।
    • वंदे भारत ट्रेन में साफ-सफाई पर पूरा जोर है और स्लीपर ट्रेन में भी इसे बनाए रखा जाएगा। इस ट्रेन के शौचालय आधुनिक सैनिटेशन तकनीक से लैस हैं। साथ ही शौचालयों में अच्छा स्पेस दिया गया है।
    • स्लीपर ट्रेन सुरक्षा को प्राथमिकता पर रखा गया है और यह कवच ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम से लैस है, जिससे इसके दूसरी ट्रेन से टकराने की आशंका नहीं होगी।
    • ट्रेन के सभी कोच में सीसीटीवी कैमरे, आपात टॉक बैक सिस्टम और अग्निशमन उपकरण मौजूद हैं।
    • ट्रेन में यात्रा के अनुभव को शानदार बनाने के लिए क्षेत्र आधारित खाना परोसा जाएगा और इस ट्रेन में बंगाली और असमिया खाना दिया जाएगा। गौरतलब है कि खाने का खर्च भी बिल में शामिल है।
  • कितना होगा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया?
    ट्रेन के 16 कोचों में से 11 एसी-3 टियर, चार एसी-2 टियर और एक फर्स्ट एसी कोच है। स्लीपर ट्रेन के थर्ड एसी का किराया 2300 रुपये तय किया गया है। सेकेंड एसी का किराया 3000 और फर्स्ट एसी का किराया करीब 3600 रुपये होगा।


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