पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली के लाल किला के पास हुए कार बम ब्लास्ट मामले में आरोपी डॉ. शाहीन सईद सहित पांच आरोपियों को तीन दिन की हिरासत में राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंप दिया है। कोर्ट ने एनआईए की दलील सुनने के बाद यह आदेश दिया, जिसमें एजेंसी ने धमाके की साजिश, फंडिंग, विदेशी हैंडलर और तकनीकी मदद से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों के जवाब जानने के लिए पूछताछ की जरूरत बताई थी।
आरोपियों में डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान अहमद, जसिर बिलाल वानी (उर्फ दानिश), डॉ. अदील अहमद और डॉ. मुजम्मिल शकील शामिल हैं। इन सभी को 16 जनवरी 2026 को दोबारा कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा। इससे पहले, डॉ. शाहीन सईद को पिछले महीने न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। एनआईए ने कोर्ट को बताया कि जांच में कई कड़ियां अभी सुलझानी बाकी हैं। धमाके की पूरी साजिश, फंडिंग के स्रोत, विदेशी हैंडलरों के संपर्क और तकनीकी सहायता से जुड़े राज खुलने बाकी हैं। एजेंसी ने इन आरोपियों से गहन पूछताछ की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया।
यह मामला 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास कार में हुए भीषण धमाके से जुड़ा है, जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई थी और कई गंभीर रूप से घायल हुए थे। जांच में सामने आया कि यह धमाका एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा था, जिसमें फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर रहे डॉ. उमर उन नबी मुख्य भूमिका में थे। डॉ. उमर कार में मौजूद थे और धमाके में उसकी मौत हो गई थी।









