चौमू कस्बे में 25 दिसंबर को हुए विवाद और बवाल के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस और नगर परिषद की संयुक्त टीम ने इमाम चौक जाने वाले मार्ग और पठानों के मोहल्ले में अवैध रूप से बने निर्माणों को ध्वस्त करना शुरू कर दिया है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
प्रशासन की ओर से पहले अवैध निर्माण करने वालों को नोटिस जारी कर तीन दिन का समय दिया गया था। तय समय सीमा पूरी होने के बाद नगर परिषद ने भवनों पर निशान लगाए और अब तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू की गई है। अधिकारियों के अनुसार यह पूरी कार्रवाई ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत की जा रही है।
गौरतलब है कि 25 दिसंबर को चौमू बस स्टैंड स्थित मस्जिद के बाहर लोहे की रेलिंग लगाने को लेकर विवाद हुआ था। विवाद के दौरान कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसमें छह पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। हालात बिगड़ने के कारण कस्बे में दो दिन तक इंटरनेट सेवाएं भी बंद करनी पड़ी थीं।
घटना के बाद पुलिस ने पथराव में शामिल आरोपियों के घरों और अवैध बूचड़खानों पर नोटिस चस्पा किए थे। कुल 24 आरोपियों को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब देने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। नोटिस की अवधि 31 दिसंबर को समाप्त हो चुकी है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को की जा रही कार्रवाई पूरी तरह नगर परिषद द्वारा अंजाम दी जा रही है, जबकि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है। जिला प्रशासन की टीमों ने दो दिन पहले ही अवैध निर्माणों की पहचान कर नोटिस जारी किए थे। जिन लोगों ने निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाया, वहां बुलडोजर कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने और अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।







