School: RTI से हुआ खुलासा- दिल्ली के सरकारी स्कूलों में तीन साल बाद भी शुरू नहीं हुए हेल्थ क्लीनिक

 

 

एक RTI जवाब के मुताबिक, 2022 में स्टूडेंट्स को हेल्थ सर्विस देने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली के 20 सरकारी स्कूलों में ‘हेल्थ क्लीनिक’ बनाए गए थे, लेकिन तीन साल बाद भी 12 स्कूलों में ये शुरू नहीं हो पाए हैं। यह जानकारी डायरेक्टरेट से मिली है।

यह जानकारी शिक्षा निदेशालय से सूचना के अधिकार (RTI) एक्ट के तहत फाइल की गई एक एप्लीकेशन के जरिए मिली थी।

 

 

यह प्रोजेक्ट 2022 में आम आदमी पार्टी के राज में उस समय के डिप्टी चीफ मिनिस्टर मनीष सिसोदिया और हेल्थ मिनिस्टर सत्येंद्र जैन ने लॉन्च किया था।

 

सरकारी स्कूलों में बच्चों की हेल्थ और मेंटल केयर योजना

दिल्ली सरकार और BSES की एक मिली-जुली पहल के तहत साउथ, वेस्ट, ईस्ट और सेंट्रल दिल्ली के 20 स्कूलों को चुनने का टारगेट रखा गया था। 

इस प्रोग्राम में तीन महीने के अंदर सभी एनरोल्ड स्टूडेंट्स की 100 परसेंट हेल्थ स्क्रीनिंग का नियम बनाया गया था। इसमें एक कॉम्प्रिहेंसिव केयर मॉडल था जिसमें स्पेशलिस्ट डॉक्टर पहचानी गई बीमारियों का इलाज करते थे, और शुरुआती डायग्नोसिस से लेकर आखिरी इलाज तक कड़ी मॉनिटरिंग करते थे।

 

इन क्लीनिक का मकसद सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए रेगुलर चेक-अप के साथ-साथ OPD सुविधाएं, फर्स्ट एड और दवाएं देना है।

 

इसके अलावा, इस प्रोजेक्ट का मकसद सरकारी स्कूलों के बच्चों को मेंटल और इमोशनल वेल-बीइंग सपोर्ट देना था।

स्टाफ की कमी से पायलट प्रोजेक्ट ठप, ज्यादातर स्कूलों में क्लीनिक बंद

RTI के जवाब में, दिल्ली सरकार के डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) की स्कूल हेल्थ स्कीम की हेड ऑफिस शालिनी वर्मा ने PTI को ईमेल से बताया कि डायरेक्टरेट ने 6 जुलाई, 2022 को स्कूल हेल्थ स्कीम को 20 पोर्टाकेबिन सौंपे थे, और 8 जुलाई, 2022 को इन 20 ‘हेल्थ क्लीनिक’ के लिए सात MBBS डॉक्टर, 20 पब्लिक हेल्थ नर्सिंग ऑफिसर (PHNOs), और 20 नर्सिंग ऑफिसर नियुक्त किए गए थे। 

और पढ़े  मणिपुर में उग्रवादी कर रहे स्टारलिंक का इस्तेमाल: मस्क बोले- दावा फर्जी, भारत में बंद है बीम, विवाद क्यों?

हालांकि 20 स्कूलों को पायलट बेसिस पर चुना गया था, लेकिन RTI डेटा से पता चलता है कि इनमें से ज्यादातर जगहों पर क्लीनिक अभी भी काम नहीं कर रहे हैं।

 

रानी बाग में गवर्नमेंट को-एजुकेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल और आनंदवास में सर्वोदय बाल विद्यालय ने बताया है कि स्कूल में क्लीनिक तो बन गए थे, लेकिन वे अभी तक चालू नहीं हुए हैं। चांदपुर माजरा में राजकीय सर्वोदय विद्यालय, शकूरपुर में राजकीय को-एजुकेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल और कराला और वरपुर जेजे कॉलोनी में सर्वोदय कन्या विद्यालय समेत कई दूसरे स्कूजीलों में भी यही हाल है, और दूसरों ने बताया कि डॉक्टर, नर्सिंग ऑफिसर और जरूरी स्टाफ की कमी के कारण ये क्लीनिक बंद पड़े हैं।

 

इसके अलावा, दो और सरकारी स्कूल हैं जहां ये हेल्थ क्लीनिक बनाए गए थे, लेकिन इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।

  • Related Posts

    दिल्ली: राहुल और प्रियंका गांधी के खिलाफ FIR दर्ज, प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ धक्का-मुक्की का आरोप

    दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह एफआईआर बुधवार को दिल्ली में हुए उनके विरोध प्रदर्शन के दौरान दर्ज…

    मणिपुर में उग्रवादी कर रहे स्टारलिंक का इस्तेमाल: मस्क बोले- दावा फर्जी, भारत में बंद है बीम, विवाद क्यों?

    स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क ने भारत में स्टारलिंक के इस्तेमाल को लेकर किए गए एक दावे को खारिज कर दिया है। एलन मस्क ने कहा कि भारत के ऊपर…