कलाकारों एवं लेखकों की वृद्धावस्था पेंशन को तीन हजार रुपये बढ़ाकर छह हजार रुपये कर दिया है। धामी कैबिनेट में इसके प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
कैबिनेट में आए प्रस्ताव में कहा गया कि प्रदेश की सांस्कृतिक परंपराओं एवं ऐतिहासिक क्षेत्रीय लोक कलाओं, गीतों, नृत्यों, वाद्ययंत्रों एवं साहित्य को जीवित रखने एवं इनका प्रचार-प्रसार करने वाले प्रदेश के कलाकारों व लेखकों को वर्तमान में तीन हजार रुपये पेंशन दी जा रही है।
यह पेंशन वर्ष 2010 में तय की गई थी। वर्तमान में वर्ष 2010 की तुलना में महंगाई दर कहीं अधिक हो चुकी है। जिसे देखते हुए संस्कृति विभाग के द्वारा वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों एवं लेखकों को दी जा रही मासिक पेंशन 3000 से बढ़ाकर 6000 किए जाने का प्रस्ताव हैं। उत्तराखंड वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों व लेखकों को मासिक पेंशन (संशोधन) नियमावली, 2025 के प्रख्यापन को मंजूरी दी गई है।








