पर्थ टेस्ट 2 दिन में खत्म, फिर भी ICC ने पिच को बताया बहुत अच्छा, भारतीय पिचें सिर्फ ‘संतोषजनक’ क्यों?

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टेस्ट क्रिकेट की पिचों को लेकर हाल के दिनों में बहस तेज हो गई है। इसी बीच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए पर्थ स्टेडियम में खेले गए दो दिवसीय एशेज टेस्ट की पिच को अपनी सर्वोच्च श्रेणी ‘वेरी गुड’ (बहुत अच्छी) रेटिंग दी है। दूसरी ओर, भारत में हाल ही में हुई टेस्ट सीरीज की पिचों को केवल ‘सैटिसफैक्टरी’ (संतोषजनक) दर्जा मिला। ऐसे में यह सवाल उठने लगा है कि क्या आईसीसी की रेटिंग प्रणाली में असमानता है?

 

दो दिन में खत्म मैच, फिर भी ICC की तारीफ
पर्थ में मैच सिर्फ 847 गेंदों में खत्म हो गया। यह ऑस्ट्रेलिया में दूसरा सबसे छोटा और एशेज इतिहास का 1888 के बाद सबसे तेजी से खत्म होने वाला मुकाबला था। इसके बावजूद मैच रेफरी रंजन मदुगाले ने कहा कि पिच ने बैट और बॉल के बीच बेहतरीन संतुलन बनाया। पहले दिन ही 19 विकेट गिरे, लेकिन आईसीसी ने इसे खराब नहीं माना।

 

भारत की पिचें क्यों मिली ‘संतोषजनक’ रेटिंग?
इसी दौरान भारत में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए अहमदाबाद और दिल्ली टेस्ट की पिचों को मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट ने ‘संतोषजनक’ रेटिंग दी। दिलचस्प बात यह है कि इन मैचों में मुकाबला तीन से पांच दिन तक चला, यानी समय पहले खत्म नहीं हुआ। फिर भी आईसीसी के मूल्यांकन में भारत पीछे रह गया।

 

आईसीसी की रेटिंग प्रणाली क्या कहती है?
आईसीसी के चार-स्तरीय मूल्यांकन पैमाने के मुताबिक-

ICC पिच की रेटिंग मतलब
Very Good (बहुत अच्छी) बल्लेबाजों और गेंदबाजों को बराबर मदद करने वाली पिच
Good (अच्छी) खेल संतुलित, लेकिन थोड़ा एकतरफा रुझान वाली पिच
Satisfactory (संतोषजनक) सामान्य पिच, जिसमें सुधार की जरूरत हो
Below Average (औसत से कम) ऐसी पिच जो मैच पर नकारात्मक असर डाले


पर्थ की पिच को अच्छा उछाल, सीम मूवमेंट और बाद में बेहतर हो जाने की वजह से बहुत अच्छा माना गया।

 

 

पर्थ में तेज गेंदबाजों का कहर
पर्थ की पिच पर तेज गेंदबाजों ने मैच पर पूरी तरह से दबदबा बनाया। मिचेल स्टार्क ने 58 रन देकर सात विकेट लिए, जो कि उनके टेस्ट करियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी है। स्कॉट बोलैंड ने इंग्लैंड की दूसरी पारी ढहा दी। वहीं, दूसरी ओर बेन स्टोक्स ने पांच विकेट लिए। लेकिन पिच के आलोचकों के लिए असली चर्चा तब शुरू हुई जब ट्रैविस हेड ने सिर्फ 83 गेंदों पर 123 रन ठोककर मैच खत्म कर दिया। इससे आईसीसी के मुताबिक, यह साबित हुआ कि पिच बल्लेबाजी के लिए असंभव नहीं थी।

 

दर्शकों को नुकसान, पर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया खुश
हालांकि, मैच मात्र दो दिन चला, जिससे क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को लगभग तीन-चार मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का नुकसान हुआ। लेकिन बोर्ड ने आईसीसी के फैसले को सही मानते हुए कहा, ‘पिच ने खेल में बेहतरीन संतुलन दिया और तेज गेंदबाजों के शानदार कौशल ने खेल को रोमांचक बनाया। मैच के बाद कप्तान स्टीव स्मिथ ने भी कहा था कि दूसरे दिन से पिच ने बल्लेबाजों को मदद करना शुरू किया था।

 

अब फोकस गाबा टेस्ट पर
अब नजरें, चार दिसंबर से शुरू हो रहे अगले डे-नाइट टेस्ट (गाबा, ब्रिस्बेन) पर हैं। पिच क्यूरेटर डेव सैंडुर्स्की का मानना है कि अगली पिच पांच दिन तक टिकेगी और हर तरह के खिलाड़ियों को मौका देगी। गाबा भी 2022-23 में दो दिन में खत्म हुए टेस्ट के लिए बदनाम हुआ था और उसे औसत से भी कम रेटिंग मिली थी।


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