आज देश अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तिरंगा ध्वज फहराकर देश और परेड को सलामी देंगी। हर साल 26 जनवरी की सुबह, जैसे ही कर्तव्य पथ पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है, देश की निगाहें सिर्फ परेड पर नहीं टिकतीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पारंपरिक वेशभूषा भी उतनी ही चर्चा में होती है। पिछले 10 वर्षों से पीएम मोदी गणतंत्र दिवस पर एक खास, सांस्कृतिक और यूनिक स्टाइल में नजर आते हैं। यह महज़ पहनावा नहीं होता, बल्कि भारत की विविध परंपराओं को सलाम करने का एक शांत लेकिन प्रभावशाली संदेश होता है। जहां दुनिया के नेता सत्ता को सूट-टाई में दिखाते हैं, वहीं पीएम मोदी दुनिया के सामने भारत की पगड़ी, साफा और पारंपरिक अंगवस्त्र को रखते हैं।
इन दिनों सोशल मीडिया पर “2026 is the new 2016” ट्रेंड वायरल हो रहा है। जिसमें लोग 2016 की फोटो, वीडियो और पोस्ट के साथ 2026 से तुलना कर रहे हैं। पीएम मोदी को भी गणतंत्र दिवस मनाते हुए 12 साल से अधिक हो गए हैं। आइए जानते हैं पीएम मोदी के पिछले 12 साल के गणतंत्र दिवस लुक के बारे में।
2014- 2015
नरेंद्र मोदी ने मई 2014 में प्रधानंत्री पद की शपथ ली और पहली बार स्वतंत्रता दिवस पर उनका ये अंदाज देखने को मिला। हालांकि गणतंत्र दिवस 2015 में पीएम मोदी ने धारीदार पट्टियों वाला साफा बांधा था जिनमें से कुछ का रंग लाल और गहरा हरा था। इस साफे में कई रंग थे। इस साफे के साथ पीएम मोदी ने काले रंग का सूट पहना था। 66वें गणतंत्र दिवस समारोह में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा भी शामिल हुए थे।
2016 में पीएम की वेशभूषा
पीएम मोदी ने लाल रंग की धारियों वाली एक चमकदार पीले रंग की पगड़ी पहनी थी। इस साफे पर पीएम मोदी ने गहरे क्रीम कलर का पूरी बाजुओं वाला बंदगला सूट पहना था।


गणतंत्र दिवस के समारोह में पीएम मोदी एक खास पगड़ी में नजर आए थे। लाल रंग की ‘हलारी पगड़ी’ पर पीले रंग की बिंदिया थी। ये पगड़ी जामनगर के शाही परिवार ने प्रधानमंत्री मोदी को तोहफे में दी थी।
इस गणतंत्र दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पगड़ी की बजाय टोपी पहने नजर आए। पीएम मोदी उत्तराखंड से जुड़ी ब्रह्मकमल टोपी पहने दिखे। ब्रह्मकमल उत्तराखंड का राजकीय फूल है।












