नैनीताल: सरस्वती शिशु मंदिर सहित 15 कमरे जलकर राख हुए, 126 छात्रों को दूसरी शाखा मे किया शिफ्ट

 

नैनीताल के मल्लीताल चीना बाबा चौराहा स्थित दो मंजिला भवन में लगी भीषण आग की चपेट में आकर 15 कमरे जलकर राख हो गए। जिसमें सरस्वती शिशु मंदिर के 12 कमरे समेत भवन स्वामी का आवास भी था। स्कूल भवन जलने के बाद वहां अध्यनरत 126 छात्रों को विद्यालय की ही दूसरी शाखा में शिफ्ट कर दिया गया है। दमकल विभाग, भवन स्वामी व विद्यालय प्रबंधन नुकसान के आकलन में जुटा हुआ है।

बता दें कि, मंगलवार शाम सवा सात बजे हाईकोर्ट के समीप चीना बाबा स्थित दो मंजिला भवन में आग लग गई थी। देखते ही देखते भवन की ऊपरी मंजिल को आग ने पूरी तरह जलाकर राख कर दिया। दमकल विभाग, पुलिस, जिला प्रशासन एसडीआरएफ व स्थानीय लोगों की संयुक्त टीम ने डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान भवन में संचालित सरस्वती शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य जगदीश तिवारी व उनके बच्चों को भी लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाला गया था। भवन स्वामी अशोक लाल साह ने बताया कि सरस्वती शिशु मंदिर के 12 व आवास के तीन कमरे पूरी तरह जल गए हैं। आवास के भीतर लाखों का फर्नीचर, कीमती सामान भी पूरी तरह जल गया है। बताया कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है। वहीं एसडीएम नवाजिश खलिख ने बताया कि दमकल की ओर से नुकसान का जायजा लिया जा रहा है।

 

126 छात्र नरेंद्र अजय साह जगाती सरस्वती विद्या मंदिर में करेंगे पठन पाठन
प्रधानाचार्य जगदीश तिवारी ने बताया कि रात करीब सवा सात बजे लगी आग का उन्हें साढ़े सात बजे पता लगा। लेकिन तब तक कमरे के अंदर धुंआ भर गया था। आग भवन के अगले हिस्से से पीछे को फैली तो वह डर गए।  इस दौरान उनके साथ कमरे में उनका बेटा व बेटी भी मौजूद थे। जिसके बाद लोगों ने उनको खिड़कियों से बाहर निकाला। बताया कि पांचवी तक के विद्यालय में 126 छात्र अध्ययनरत थे। जिनको पापुलर कंपाउंड स्थित नरेंद्र अजय साह जगाती सरस्वती विद्या मंदिर में शिफ्ट कर दिया गया है। बताया कि आग की चपेट में आकर स्कूल के रिकार्ड भी राख हो गए हैं।

डीएम ने अग्निकांड को लेकर बनाई कमेटी, एक सप्ताह में मांगी रिपोर्ट
मंगलवार को चीना बाबा चौराहे स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में लगी आग के चलते प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। अग्निकांड की घटनाओं को देख डीएम ललित मोहन रयाल ने एसडीएम, ईई जल संस्थान व  एफएसओ तीन सदस्यों की जांच कमेटी बनाई है। जो चार बिंदुओं पर जांच करेगी। जिसमें नैनीताल नगर क्षेत्र में स्थापित फायर हाइड्रेट्स में से क्रियाशील, अक्रियाशील पाए गए हाइड्रेट्स का पृथक-पृथक विवरण मांगा है। प्रत्येक हाइड्रेंट तक दमकल वाहनों की वास्तविक पहुँच क्षमता का परीक्षण व प्रतिवेदन मांगा है। मरम्मत, प्रतिस्थापन व अतिरिक्त फायर हाइड्रेंट स्थापना के लिए आवश्यक तकनीकी व प्रशासनिक अनुशंसाएं व हाईडेंट्स में पानी की सीधी सप्लाई की व्यावहारिक संभावनाओं पर विचार की रिपोर्ट एक सप्ताह में मांगी है।

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