24जून शुभ दिन पूर्णिमा को धर्म नगरी श्रीअयोध्याजी के शमशान घाट पर रहने वाले कुत्तों को भोजन कराकर श्रीराम जन्म भूमि मन्दिर निर्माण स्थल विस्तार को लेकर षडयन्त्र रच सनातन समाज को दिग्भ्रमित करने एंव मन्दिर निर्माण मे बाधा उत्पन्न करने वालों के समूलनाश की प्रार्थना की जायेगी तत्पश्चात सरयूतट पर श्रीराम जन्म भूमि मन्दिर विरोधियों का मृत्युभोज कराया जायेगा यह जानकारी देते हुए रामादल अध्यक्ष पण्डित कल्किराम ने कहा कि माननीय प्रधानमन्त्री नरेन्दर दामोदरदास मोदीजी के अथक प्रयासों पर अल्प समय मे माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा श्रीराम जन्म भूमि के ऐतिहासिक निर्णय के बाद से ही सनातन समाज के विरुद्ध अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर कुचक्र रचा जा रहा है।सनातन समाज के भाई बहनों को यह जानने और ध्यान रखने की जरूरत है कि अपने ही तीर्थ स्थल को खोकर हमने श्रीराम जन्म भूमि की मात्र 3एकड़ भूमि पाने के लिए बहुत कड़ा संघर्ष किया, प्रभु श्रीरामचन्द्रजी की असीम कृपा से माननीय उच्चतम न्यायालय ने 70एकड़ का अधिकार दिया मन्दिर निर्माण के लिए माननीय प्रधानमन्त्री नरेन्दर दामोदरदास मोदीजी की अगुवाई मे गठित ट्रस्ट आज 108 एकड़ मे भव्यतम श्रीराम मन्दिर की दिशा में अग्रसर है।जिन लोगों ने तीन एकड़ की भूमि सनातन धर्म को न मिल सके उसके लिए ही अपनी पूरी ताकत लगा दी वह आज अपनी शर्मनाक हार से बौखलाए हुए हैं।अब सनातन समाज के भाई बहनों का उत्तर दायित्व है कि हम सभी धर्म के मार्ग का अनुसरण करते हुए श्रीराम मन्दिर विरोधियों को यमपुरी का मार्ग दिखाया जाय उसके लिए सभी सनातनी भाई बहन एक सप्ताह तक अपने-अपने रसोई की एक रोटी कुत्ते को खिलाकर श्रीराम मन्दिर निर्माण विरोधियों के समूलनाश की प्रार्थना करें ताकि भविष्य में कोई ऐसा दुस्साहस न कर सके।विदित हो कि श्रीराम जन्म भूमि मन्दिर निर्माण मे अयोध्याजी मे सबसे पहले रामादल ट्रस्ट ने सहयोग धनराशि देने के साथ ही श्रीराम जन्म भूमि पर बनने वाले मन्दिर के गर्भ गृह की चौखट को स्वर्ण पत्र से अलंकृत करने का संकल्प पत्र श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को दे रखा है,मन्दिर निर्माण को लेकर ट्रस्ट के महासचिव श्रीमान चम्पतराय जी की भूमिका का वर्णन शब्दों में नही किया जा सकता है क्योंकि निर्माण स्थल के विस्तार पर सामंजस्य बनाकर स्वेच्छा से बाजार से कम कीमत पर इतनी बडी पैमाइश की जमीन पाना आसान नही,श्रीराम जन्मभूमि पर हो रहा भव्यतम मन्दिर कार्य एक युग के संघर्ष का सुखद परिणाम है।पण्डित कल्किराम ने कहा कि -मुझे आज भी वह दिन याद है जब उच्चतम न्यायालय के आदेश पर हुई खुदाई मे मजदूर बनकर अपनी सेवा दी और जो मजदूरी मिली थी उसे हनुमानगढ़ी मे दर्शन कर चढा दी थी उसके बाद श्रीराम लला के जर्जर हो चुके टेन्ट को बदलने के लिए चौधरी चरण सिंह घाट पर तत्कालीन राष्ट्रपति अब्दुल कलाम की फोटो रखकर अनिश्चितकालीन मौन अनशन का आरम्भ किया था जो ठीक पांचवे दिन दिल्ली से आये उच्चाधिकारियों द्वारा टेन्ट बदलवाने का आश्वासन मिलने पर ही खत्म हुआ था जिसके दोमाह बाद महामहिम कलामजी ने श्रीरामलला के जर्जर हो चुके टेन्ट को बदलवाकर बुलेटप्रूफ करवा दिया था एक वह भी दिन था जब श्रीराम लला का टेन्ट बदलवाने के लिए हम आन्दोलनरत थे और एक आज का दिन है कि हम भव्यतम मन्दिर निर्माण के साक्षी बन रहे हैं इसलिए सावधान और सतर्क रहकर एकजुटता बनाए रखें।जिस दिन श्रीराम जन्म भूमि के भव्यतम मन्दिर पर धर्म ध्वज फहराया जायेगा उस दिन भारत का हिन्दूराष्ट्र बनना तय है।
(पण्डित कल्किराम)
अध्यक्ष
रामादल ट्रस्ट







