बुरहानपुर / मध्यप्रदेश : जिले के सहकारिता इतिहास का संभवत: यह सबसे बड़ा घोटाला…

खकनार में कागजों में हेराफेरी कर रासायनिक खाद और नकद आहरण के जरिए 1.65 करोड़ रुपये का गबन करने के आरोप में खकनार पुलिस ने सहाकारिता विभाग के नौ अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ गबन व धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। विभाग द्वारा कराए गए ऑडिट की रिपोर्ट के आधार पर समिति प्रबंधक शेखापुर नवीन बलाई ने खकनार थाने में आवेदन दिया था, पुलिस ने सभी आरोपितों पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, फिलहाल किसी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं की गई है, जिले के सहकारिता इतिहास का संभवत: यह सबसे बड़ा घोटाला सामने आया है, विभाग ने इस घोटाले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई थी, जिसमें प्रभारी विपणन अधिकारी शिव प्रसाद पवार, शाखा प्रबंधक धर्मचंद लाड और समिति प्रबंधक खंडवा सुनील सपकाले को शामिल किया गया था, जांच टीम ने पाया कि वर्ष 2014 से 2019 के बीच शेखापुर समिति में पदस्थ रहे प्रबंधक से लेकर लेखापाल और लिपिक तक ने जमकर भ्रष्टाचार किया, उन पर रिकार्ड में हेराफेरी करने, खाद के स्टाक में गड़बड़ी करने, फर्जी तरीके से चेक जारी करने, छल पूर्वक सरकारी धन का गबन व दुरुपयोग करने, अनाधिकृत व्यय करने और खाद वितरण में जानबूझ कर लापरवाही करने के आरोप हैं, रिपोर्ट मिलने के बाद कलेक्टर प्रवीण सिंह ने इस प्रकरण को समय सीमा में शामिल कर जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए थे, वही पुलिस ने आरोपियों ने किया मामला दर्ज।
सोचने वाली बात यह है कि आखिर अधिकारी कर्मचारी इतने बड़े-बड़े घोटाले कर देती है तो इन छोटी-छोटी बैंकों में कोई ऑडिट करने नहीं आया और अगर कोई ऑडिट करने आया तो ऑडिट करने वाले अधिकारी को क्या यह कमियां दिखाई नहीं दी या रिश्वत लेकर मामले को दबा दिया गया जब ग्रामीण क्षेत्र की एक छोटी सी सहकारिता शाखा मैं ऐसे करोड़ों रुपए के घोटाले होते हैं तो जिले में प्रदेश में कितनी सहकारिता बैंक के है सभी सहकारिता शाखाओं पर कोई रिश्वतखोर अधिकारी के बजाय कोई ईमानदार या उच्च स्तर की जांच की जाए तो कितना घोटाला सामने आएगा आखिर ऐसे घोटालेबाज रिश्वतखोर अधिकारियों के खिलाफ कारवाई कब होगी क्या जांचकर्ता इसी प्रकार रिश्वत लेकर ऐसे घोटाले दबाते जाएंगे क्या अभी तक किसी ऑडिटर को यह घोटाले दिखाई नहीं दिए या देख कर भी अनजान बन गए

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