रिकांगपिओ से उत्तराखंड के हरिद्वार जा रही एचआरटीसी की बस चट्टानों के गिरने के कारण हादसे का शिकार हो गई है। बताया जा रहा है कि यह हादसा हिमाचल के किन्नौर जिले के पास निगुलसेरी में पहाड़ से मलबा गिरने के कारण हुआ है। आईटीबीपी के प्रवक्ता ने बताया कि 30 लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं।घटनास्थल से अब तक 15 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। 10 लोगों की मौत हुई है। एनडीआरएफ, सेना, पुलिस और स्थानीय लोग घायलों को अस्पताल पहुंचाने में जुटे हुए हैं। वहीं आईटीबीपी के अनुसार किन्नौर में भूस्खलन वाली जगह पर सड़क साफ करने के बाद यात्रियों और बस के मलबे में फंसे होने का कोई निशान नहीं मिला है। आईटीबीपी की टीमें बस को खोजने के लिए कई दिशाओं से नदी (जो भूस्खलन स्थल के पास बहती है) की ओर गई हैं।
एचपी स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर की ओर से जारी ताजा सूचना के अनुसार एक एचआरटीसी बस और यात्री अभी भी मलबे में दबे हुए हैं
। घटनास्थल पर ड्रोन से भी सर्च अभियान चलाया जा रहा है। एक ट्रक व यात्री गाड़ी(टाटा सूमो) को मलबे से निकाल लिया गया है। टाटा सूमो में सवार आठ मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतकों में रोहित पुत्र स्वर्गीय सैंज राम गांव किया रामपुर और विजय कुमार पुत्र जगदीश चंद गांव झोल सुजानपुर की पहचान हुई है। जबकि बाकि मृतकों की पहचान अभी नहीं हो सकी है।







