नैनीताल : हल्द्वानी भटकती रही जनता रिपोर्ट के लिए सैंपल मिले कबाड़ी के पास

हल्द्वानी में एक कबाड़ी के गोदाम से कोरोना जांच के सैंपल मिलने से सनसनी मच गई। तीस बड़े बोरों में जांच के सैकड़ों सिरिंज को स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम ने बरामद किया। देर रात तक स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की टीम गोदाम में पहुंचकर जांच पड़ताल में जुटी रही। अभी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। एसपी सिटी डॉ. जगदीश चंद्र और सीओ शांतनु पाराशर बुधवार शाम शहर के भ्रमण पर निकले थे। किसी ने उन्हें सूचना दी कि बरेली रोड पर कबाड़ के गोदाम में बायोमेडिकल वेस्ट खरीदकर रखा गया है। इनमें कोरोना जांच की सिरिंज और अन्य सामान हैं। बनभूलपुरा थानाध्यक्ष प्रमोद पाठक ने छापा मारा तो वहां तीस बोरों में सिरिंज सहित बायोमेडिकल वेस्ट भरा मिला। सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस का कहना है कि ऐसे सिरिंज से कोरोना महामारी का खतरा बढ़ सकता है।कोरोना महामारी की आशंका के चलते पुलिस ने सामान गोदाम से उठा लिया है। गोदाम पर पुलिस का पहरा लगाया गया है। गोदाम का मालिक भी पुलिस हिरासत में है। पुलिस ने गोदाम को सुरक्षा के घेरे में ले लिया है। बड़ा सवाल यह है कि बायो मेडिकल वेस्ट कहां से आया? विशेषज्ञों के अनुसार सामान्य तौर पर बायो मेडिकल वेस्ट के भंडारण आदि करने की अनुमति नहीं मिलती है। अधिकारी भी वेस्ट के पहुंचने की जगह का पता लगाने की बात कह रहे हैं।
सुशीला तिवारी अस्पताल और 13 निजी अस्पतालों में कोविड मरीजों का इलाज हो रहा है। लैब में जांच हो रही है। सुशीला तिवारी अस्पताल से इन दिनों प्रतिदिन आठ सौ से एक हजार किलोग्राम तक बायो मेडिकल वेस्ट निकल रहा है। इसके निस्तारण के लिए सुबह आठ से शाम पांच बजे तक इंसीनेटर चल रहा है। इसके बाद भी वेस्ट के निस्तारण को लेकर समस्या आ रही है। ऐसे में एक निजी संस्था के माध्यम से बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण का काम शुरू किया गया है। जानकारों के अनुसार कोविड से जुड़े बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण की प्रतिदिन रिपोर्ट पीसीबी को भेजनी होती है।

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मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम की टीम ने देर रात मामले की जांच प्रारंभ की। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कांडपाल ने बताया कि करीब दो सौ किलोग्राम बायो मेडिकल वेस्ट है। इसमें कोरोना की जांच से जु़ड़े बायो मेडिकल वेस्ट के अलावा कैथ, ग्लूकोज की बोतल आदि मिली हैं। पता लगाया जाएगा कि यह किस अस्पताल का बायो मेडिकल वेस्ट है। उन्होंने बताया कि जांच से पता चला कि बोरों में बोतलें, यूरिन पाइप, पीपीई कीट, सिरिंज सहित अन्य सामान पड़े हैं। इस माल को नगर निगम अपने कब्जे में लेकर सफाई कराने के बाद  मेडिकल वेस्ट को गदरपुर भेजेगा। ऊधमसिंह नगर से एक गाड़ी प्रतिदिन मेडिकल वेस्ट लेने के लिए आती है। जांच के संबंध में वह अपनी रिपोर्ट पुलिस विभाग को  देंगे।
थानाध्यक्ष प्रमोद पाठक का कहना है कि नगर स्वास्थ्य अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस महामारी अधिनियम के अलावा, प्रदूषण सहित अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करेगी। नगर स्वास्थ्य अधिकारी भी जांच के दौरान यह देखकर घबरा गए कि कोरोना जांच के वेस्ट पड़े हुए हैं। पुलिस का कहना है कि मुखबिर की सूचना पर उन्होंने छापा मारा था। पुलिस को शक है कि कबाड़ बीनने वाले या सफाई व्यवस्था में लगे लोगों ने मेडिकल वेस्ट पार कर दिया है। कबाड़ में यह माल छांटकर बेचा जाता है। पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान सारे खेल का पता चलेगा। एक सवाल यह भी है कि यह महामारी फैलाने के इरादे से तो नहीं रखा गया था।

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