विकासखंड नारायणबगड़ के प्रधानों ने सरकारी सिस्टम से परेशान होकर विकास खंड मुख्यालय में अपना विरोध प्रदर्शन कर धरना प्रारंभ कर दिया है। प्रधानों के 13 सूत्रीय मांगों में कहा गया है कि अभी तक बीडीसी की बैठक भी आयोजित नहीं की गई है और ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों में भी कर्मचारी व अधिकारी रुचि नहीं ले रहे हैं जिस कारण पूरे जिले में नौ ब्लाकों में से नारायणबगड़ ब्लाक सबसे निचले पायदान पर जाकर रह गया है।
प्रधानों का कहना था कि ग्राम पंचायतों में विकास कार्य ठप्प पड़ रहे हैं जिस कारण गरीब जनता को रोजी-रोटी के लाले पड़े हुए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अगर ग्राम पंचायतों में विकास कार्य किए भी जा रहे हैं तो उनका समय में भुगतान नहीं किये जा रहे हैं,जिस कारण वे गांवों में विकास कार्य करने से हाथ खींचने को विवश हो रहे हैं।
मांग पत्र में चेतावनी दी गई है कि दो दिन के क्रमिक अनशन पर यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया और उनका समाधान नहीं किया जाता है तो 11 नवंबर से भूख-हड़ताल पर बैठने के लिए वे बाध्य होंगे। धरने के बीच में खंड विकास अधिकारी आंदोलनकारियों के बीच पहुंचे और उनका ज्ञापन लेते हुए अश्वासन दिया है कि प्रधानों की समस्याओं पर सभी कर्मचारियों और प्रधानों का आपस में समन्वय कर समाधान किया जायेगा।








