थराली, चमोली उत्तराखंड : नारायणबगड़ में आकाशीय बिजली गिरने से भारी तबाही। आवासीय भवन व दुकानों में पसरा मलवा। बाल-बाल बचे लोग।

जनपद चमोली के विकास खंड नारायणबगड़ में रात भर हो रही भारी बारिश के चलते मंगलवार सुबह करीब पांच बजे बाजार के पीछे पहाड़ी पर आकाशीय बिजली गिरने से भूस्खलन से कई आवासीय भवनों में मलवा घुस गया। जिससे मकानों में सारा सामान मलवे में दब गए हैं। घटनाक्रम सुबह सुबह की है जब अधिकांश लोग सो रहे थे कि बिजली कड़कने की जोरदार आवाज से लोगों की नींद खुली तो तबतक पहाड़ी से भारी पानी और मलवा घरों के ऊपर से बह रहा था। जिसने पास में गौशाला भी नष्ट कर दिया और एक मकान का पिछली दिवार तोड़कर मलवा पत्थर अंदर भरने लगा। वहां रह रहे लोगों ने बताया कि उन्होंने किसी तरह बच्चों और खुद की भागकर जान बचाई है।और आसपास के लोगों को भी आवाज देकर बाहर निकलने के लिए कहा।

बताते चलें कि नारायणबगड़ में पहाड़ से मलवा पत्थरों के सड़क और दुकानों में घुस जाने का सिलसिला पुराना है। लेकिन आकासीय बिजली गिरने की यह घटना लोगों के लिए मुसीबत लेकर आई है। जिससे लोग बेघर हो गए हैं। बहुत सारे लोग किरायेदार हैं सभी के खाने पीने और बिस्तर, कपड़े और जेवरात भी मलवे में दब गए हैं।वहीं दुकानों में भी मलवा पत्थर घुसे हुए हैं तो सड़क पर खड़े वाहन, एंबुलेंस आदि भी मलवे में फंसे हुए हैं। नजदीक ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अंदर भी पानी और मलवा पसरने के कारण अस्पताल में रखी दवाइयां और जरूरी सामान भी काफी खराब हो गये हैं। एनसीसी कैडेट्स ने अस्पताल में सामाग्रियों को संभालने में अहम मदद की।

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सूचना मिलने पर तहसीलदार मय फोर्स के मौके पर पहुंचे और लोगों को हुए नुकसान का आंकलन किया।और प्रभावित सभी परिवारों को फिलहाल राइका के भवनों में राहत शिविरों में रखने की व्यवस्था की जा रही है।

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