हर साल इस्लामिक कैलेंडर के हिसाब से रमजान के बाद शव्वाल की पहली तारीख को ईद-उल-फितर मनाई जाती है। इसे मीठी ईद भी कहा जाता है। इस दिन सभी रोजेदारों के रोजे पूरे हो जाते हैं। ईद मनाने की तारीख चांद दिखने के हिसाब से ही मुकम्मल की जाती है। जिस दिन चांद दिखता है उस चांद मुबारक कहा जाता है। चांद दिखने के बाद लोग एक दूसरे को बधाईयां देते हैं। ईद को दिन लोग सुबह जल्दी उठकर फज्र की नमाज अदा करते हैं। इसके बाद एक दूसरे को बधाइयां देने के साथ ही ईद का त्योहार मनाया जाता है। चांद के हिसाब से अलग-अलग देशों में ईद की तारीख में फर्क हो सकता है। जानते हैं कि भारत में कब मनाई जाएगी ईद-उल-
कब है ईद-उल-फितर 2021
रमजान का महीना शुरू होते ही मुस्लिम समाज के लोग रोजा रखना शुरू कर देते हैं। सबसे पहले सुबह उठकर तड़के सहरी खाई जाती है फिर फज्र की नमाज के बाद पूरे दिन बिना कुछ खाए पिए रोजा रखा जाता है। पूरे एक माह तक रोजे रखने के बाद चांद का दीदार होने पर ईद मनाई जाती है। इस्लाम धर्म को मानने वाले लोग बहुत ही खुशी का त्योहार होता है। इस बार अगर 12 मई को चांद का दीदार हो जाता है तो भारत में ईद-उल-फितर 13 मई 2021 दिन गुरुवार को मनाई जाएगी और अगर चांद का दीदार 13 मई को होता है ईद 14 मई 2021 दिन गुरुवार को मनाई जाएगी।







