चुनाव आयोग ने पूर्व सीएम रावत की तस्वीर से छेड़छाड़ करने पर भाजपा को दी चेतावनी।।

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हरीश रावत की तस्वीर से छेड़छाड़ के मामले में अब उत्तराखंड भाजपा को भविष्य में और अधिक सावधान रहने की चेतावनी दी है। आयोग ने पार्टी को आचार संहिता के सभी प्रावधानों का पालन करने की सलाह दी है।
पिछले हफ्ते, चुनाव आयोग ने पूर्व मुख्यमंत्री रावत की तस्वीर से छेड़छाड़ कर ट्वीट करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उत्तराखंड इकाई को नोटिस जारी किया था। बुधवार को जारी चुनाव आयोग के एक आदेश में कहा गया है कि उत्तराखंड भाजपा की ओर से यह कहा गया कि ट्वीट का उद्देश्य न तो आदर्श आचार संहिता के किसी प्रावधान का उल्लंघन करना था। और न ही धर्म, जाति, जाति और भाषा के आधार पर समूहों के बीच कोई मतभेद पैदा करना था।
पैनल को बताया कि ट्वीट को उसके आधिकारिक ट्विटर हैंडल से हटा दिया गया है। चुनाव आयोग को उत्तराखंड भाजपा का जवाब संतोषजनक नहीं लगा है। आयोग ने अपने आदेश में भाजपा उत्तराखंड को भविष्य में और अधिक सावधान रहने की चेतावनी देता है। और आदर्श आचार संहिता के सभी प्रावधानों और आयोग के अन्य दिशानिर्देशों का पालन करने की सलाह देता है।
बता दें कि मुस्लिम यूनिवर्सिटी मामले में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की तस्वीर से छेड़छाड़ के मामले पर चुनाव आयोग ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। चुनाव आयोग ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को कड़ा नोटिस जारी करते हुए 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा था।

हरीश रावत की तस्वीर के साथ छेड़छाड़

दरअसल, मुस्लिम यूनिवर्सिटी से जुड़ी वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा ने कांग्रेस को आड़े हाथ लिया था। भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने एक तस्वीर ट्वीट की थी। कांग्रेस ने लिखित शिकायत में आरोप लगाया है कि हरीश रावत की तस्वीर के साथ छेड़छाड़ करके तजिंदर पाल सिंह बग्गा और तीन फरवरी को रात 9:34 बजे भाजपा के ट्विटर हैंडलर बीजेपी4यूके से भी रीट्वीट किया गया।

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आरोप में यह भी कहा गया है कि बात यहीं तक नहीं रुकी बल्कि हरीश रावत को निशाना बनाते हुए ट्वीट किया गया। पूरे मामले की शिकायत आने के बाद चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया। आयोग का कहना है कि भाजपा के यह ट्वीट उत्तेजक हैं और गंभीरता से भावनाओं को भड़का सकते हैं। कानून और व्यवस्था की स्थिति को खराब कर सकते हैं, जिससे चुनाव प्रक्रिया पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

आयोग ने इसे आचार संहिता के क्लॉज 1 व 2 के अलावा आरपी एक्ट 1951 की धारा 123(3ए) व आईपीसी की धारा 153(ए)(1)(ए) का भी उल्लंघन माना है। आयोग ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक को नोटिस जारी किया है, जिसमें 24 घंटे के भीतर उनसे जवाब मांगा गया है। आयोग ने चेतावनी भी दी है कि अगर 24 घंटे के भीतर जवाब न दिया गया तो ऐसी स्थिति में आयोग नियमानुसार कठोर कार्रवाई करेगा। यह नोटिस आयोग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी राहुल शर्मा की ओर से जारी किया गया है।


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