बारिश को दौरान घरों से बाहर निकलने में सावधानी बरतने और सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर अंधेरे में घर से बाहर आने जाने से बचें। सरीसृप विशेषज्ञों के अनुसार उत्तराखंड में सांपों की 37 प्रजातियां पायी जाती हैं। इनमें करीब छह प्रजातियों के सांप काफी जहरीले होते हैं। बहरहाल अभी तक सर्पदंश की कोई घटना प्रकाश में नहीं आई है। भारतीय वन्यजीव संस्थान के वरिष्ठ सरीसृप विज्ञानी डॉ. अभिजीत दास का कहना है कि बारिश के चलते बिलों में पानी भरने से सांप बाहर सूखे स्थानों की ओर भागते हैं। ऐसे में असावधानीवश लोग सर्पदंश का शिकार हो जाते हैं। फिलहाल राजधानी में अभी सर्पदंश की कोई घटना नहीं हुई है।
फिर लोगों को सतर्क रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है। डॉ. दास के अनुसार उत्तराखंड में सांपों की 37 प्रजातियां पायी जाती हैं। इनमें कोबरा, द किंग कोबरा, इंडियन करैत, रसेल वाइपर, ब्लैकबेलीड कोरल स्नेक आदि बेहद जहरीले हैं।
देश में हैं सांपों की 320 प्रजातियां, नौ प्रजातियों के सांप ही जहरीले
डॉ. अभिजीत दास के मुताबिक देश में सांपों की कुल 320 प्रजातियां हैं। इनमें से 37 प्रजातियों के सांप उत्तराखंड में पाए जाते हैं। इनमें कोबरा, द किंग कोबरा, इंडियन करैत, रसेल वाइपर, ब्लैकबेलीड कोरल स्नेक काफी खतरनाक हैं।
सर्पदंश से हर साल मरते हैं 50 हजार लोग
आंकड़ों के अनुसार देशभर में हर साल सांपों के काटने से 50 हजार लोगों की मौत हो जाती है। सांपों से सबसे अधिक मौतें उत्तर प्रदेश में होती है। इसके बाद आंध प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में भी सांपों के काटने से होने वाली मौतों का आंकड़ा दूसरे राज्यों की तुलना में ज्यादा रहता है। 2020 में कराए गए एक अध्ययन के मुताबिक पिछले 20 साल में देश में 12 लाख लोगों की मौत सांपों के काटने से हुई। इनमें 25 फीसदी संख्या बच्चों की थी। अध्ययन के मुताबिक सबसे अधिक मौतें जून से सितंबर के बीच हुई। दरअसल इसी अवधि में सांप बारिश के कारण बिलों से बाहर निकलते हैं।
जहरीले सांपों से ऐसे बचें
-बारिश के दौरान या रात में घर से बाहर कतई न निकलें। जरूरी हो तो टार्च या किसी अन्य रोशनी के साथ निकलें।
-रसोई में बचा हुआ खाना कभी भी घर के आसपास में न फेंके। इन्हें खाने के चक्कर में चूहे, मेढ़क आते हैं और चूहों, मेढ़क के चक्कर में सांप भी आ जाते हैं।
-घर में साफ सफाई का पूरा ध्यान दें। संभव हो प्रतिदिन घर में फिनाइल का पोछा लगाएं।
-कार, दोपहिया वाहनों को स्टार्ट करने से पहले पूरी तरह से चेक कर लें। बारिश से बचने के लिए सांप वाहनों में छिप जाते हैं।
-बिस्तर दीवार से सटाकर कतई न लगाएं।









