राज्य महिला आयोग उत्तराखंड की पूर्व उपाध्यक्ष श्रीमती अमिता लोहनी जी ने आज मुख्यमंत्री उत्तराखंड को एक प्रार्थना पत्र प्रेषित किया जोकि एक गर्भवती महिला के साथ अस्पताल वालों के गलत व्यवहार व लापरवाही को दर्शाता है, जिसमें गर्भवती महिला को अपने जान से हाथ धोना पड़ा व उसके गर्भ में पल रहे दो मासूम शिशुओं को भी इस दुनिया में आने से पहले ही दम तोड़ना पड़ा,,, आपको बता दें कि यह मामला संयुक्त चिकित्सालय रामनगर, नैनीताल का है जहां 28 जून को शाम 5:00 बजे 9 माह की गर्भवती स्त्री को लाया गया, जहां उसका उपचार ना करके उसे अस्पताल वालों द्वारा हल्द्वानी रेफर कर दिया गया, रेफर करने के पश्चात उसके परिवारजन उसे हल्द्वानी लेकर जा रहे थे जहां 24 वर्षीय मंजू देवी ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया, जिसके चलते उसके गर्भ में पल रहे दो जुड़वां बच्चों ने भी दम तोड़ दिया, यह लापरवाही बहुत बड़ी है, अगर समय रहते पीड़िता को उपचार मिल जाता तो आज तीनों जिंदगियां सुरक्षित होती, संयुक्त चिकित्सालय के स्टाफ द्वारा की गई यह लापरवाही कितनी जघन्य है इसका अंदाजा आप लगा सकते हैं,पूर्व राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष श्रीमती अमिता लोहनी हुआ पीड़िता के परिवार की मांग है के अस्पताल प्रशासन के ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही हो, पीड़िता के परिवार को उचित मुआवजा देने की कृपा की जाए व मामले की उच्च स्तरीय जांच की जाए।







