देहरादून- धराली, हर्षिल में भागीरथी नदी के प्रवाह की अड़चन होगी दूर..

Spread the love

 

 

पिछले साल पांच अगस्त को तेलगाड़ और खीरगंगा से आए मलबे ने भारी तबाही मचाई थी। इससे भागीरथी नदी का प्राकृतिक बहाव स्थल तक प्रभावित हुआ और चौड़ाई कम हो गई। वहीं अब शीतकालीन बरसात और बर्फ पिघलने से नदी का जलस्तर बढ़ने की संभावना होगी, इसके दृृष्टिगत सिंचाई विभाग नदी में चैनेलाइजेशन का काम करेगा, जिससे नदी के प्रवाह में आने वाली अड़चन को दूर किया जा सके।

पिछले साल पांच अगस्त को तेलगाड़ गधेरे से हर्षिल और खीरगंगा नदी से धराली में आए मलबे ने भारी नुकसान पहुंचाया था। कुछ ही समय में लाखों टन मलबे ने धराली को ढक लिया था। इससे हर्षिल में भागीरथी नदी का बहाव पूरी तरह बंद हो गया और कृत्रिम झील बन गई। एक महीने की मशक्कत के बाद इसे खोला जा सका था।

 

20 लाख घनमीटर मलबा जमा हुआ

आपदा में धराली, हर्षिल में 20 लाख घनमीटर मलबा जमा हुआ है। धराली में नदी करीब 70 मीटर चौड़ाई में बह रही है। सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता संजय कुमार कहते हैं नदी के रास्ते को साफ किया जाना है, जिससे नदी का प्रवाह सुगम हो सके। धराली में ही चैनेलाइजेशन कर नदी की चौड़ाई को 120 से 130 मीटर तक किया जाएगा।

हर्षिल में कृत्रिम झील को खोला गया था, उसके बाद कुछ मलबा हटा है। अभी नदी 40 से 50 मीटर चौड़ाई में बह रही है। यहां पर 100 मीटर तक चौड़ा करने का काम होगा, ताकि शीतकालीन बरसात होने पर या दो महीने बाद बर्फ पिघलने से नदी का जलस्तर बढ़े तो पानी आराम से निकल जाए। इसके अलावा तेलगाड़ और खीरगंगा नदी गदेरे को भी साफ करने का काम होगा। 

और पढ़े  रामशंकर हत्याकांड: अब CBI करेगी जांच, हाईकोर्ट के आदेश पर देहरादून में दर्ज हुई fir

750 करोड़ के बाढ़ सुरक्षा कार्य होंगे

देहरादून। धराली क्षेत्र में सिंचाई विभाग ने 450 करोड़ और थराली में 300 करोड़ का प्रोटेक्शन वर्क करने की योजना बनाई है। इसमें सुरक्षा दीवार बनाने समेत अन्य कार्य होंगे। इसको लेकर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें सिंचाई विभाग को बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य के साथ ही चैनेलाइजेशन और मलबा डिस्पोजल के लिए समग्र योजना बनाने को कहा गया है। सिंचाई विभाग के विभागाध्यक्ष सुभाष कुमार कहते हैं कि इस दिशा में कार्य हो रहा है, मार्फोलाजी स्टडी का काम हो चुका है।

 

नदियों से मलबा हटाने के लिए सिंचाई विभाग ने आमंत्रित की निविदा

आपदा प्रभावित धराली सहित हर्षिल की तेलगाड़, भागीरथी नदी और स्यानाचट्टी में यमुना नदी और गड्डूगाड से मलबा चैनलाइजेशन करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सिंचाई विभाग की ओर से आपदा प्रभावित तीनों क्षेत्रों में इस कार्य के लिए निविदाएं आमंत्रित की गईं हैं। इस संबंध में उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि धराली, हर्षिल और स्यानाचट्टी को सुरक्षित करने के लिए उच्च स्तर पर वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया जा रहा है। फिलहाल धराली सहित खीर गंगा, तेलगाड़ और भागीरथी नदी सहित स्यानाचट्टी में गड्डूगाड और यमुना नदी में मलबे को चैनलाइजेशन करने का कार्य किया जाएगा जिससे नदी का जलस्तर बढ़ने पर प्रारंभिक खतरे को टाला जा सके। जल्द ही इन सभी योजनाओं पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा।


Spread the love
  • Related Posts

    देहरादून- PM मोदी के सोना न खरीदने की अपील से सराफा कारोबारी नाराज, प्रदेशभर में आज विरोध प्रदर्शन

    Spread the love

    Spread the loveप्रधानमंत्री मोदी के सोना न खरीदने के बयान के विरोध में प्रदेशभर में सराफा कारोबारी सांकेतिक प्रदर्शन करेंगे। बुधवार को ज्वैलर्स एसोसिएशन ऑफ उत्तरांचल ने इसका ऐलान किया।…


    Spread the love

    सीबीएसई बोर्ड 12th Result: खत्म हुआ इंतजार, 12वीं का परीक्षा परिणाम घोषित, उत्तराखंड के छात्र यहां देखें नतीजे

    Spread the love

    Spread the loveकेंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से 10 अप्रैल के बीच एक ही शिफ्ट में हुई थीं। आज सीबीएसई ने कक्षा 12वीं का…


    Spread the love