देवभूमि उत्तराखंड में हर तीज त्यौहारों की अलग ही पहचान है।गढ़वाल हिमालयी क्षेत्रों के पहाड़ी गाँवों में दीपावली के पांच दिनों के त्यौहारों की शृंखला में एक दिन पूर्व नरक चतुर्दशी और पशु धन को समर्पित पर्व “गाय पिनी पूजा”पर्व बड़े ही धूम धाम पूर्वक मनाया गया,पहाड़ों मे छोटी दीपावली पर्व के साथ हर घर मे पशु धन गौ वंश की विशेष पूजा की जाती है।
आज दीपावली के दूसरे दिन भी सुबह से ही सीमांत जनपद चमोली जिले के प्रखण्ड के सभी नौ ब्लाकों के गांवों आदि जगहों पर ग्रामीणों नें सुबह सबसे पहले स्वाला(स्थानीय भाषा में स्वाला)पकौड़ी,खीर,कलेवू,सूजी के साथ मोटे पोस्टिक अनाजों के पकवान बनाकर अपने गौशालों में अपने गौ वंशों की पूजा अर्चना कर उन्हे सभी व्यंजनों का भोग लगा कर उनसे आशीर्वाद लिया,ये पूजायें अब गोवर्धन पूजा तक जारी रहेंगी।









