अफगानिस्तान का दावा- PAK सेना के हमलों में तीन लोग की मौत, पाकिस्तान ने नकारा

Spread the love

 

फगानिस्तान ने सोमवार को पाकिस्तान पर अपनी सीमा के अंदर हमले करने का गंभीर आरोप लगाया है। अफगान अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया, जिससे तीन लोगों की मौत हो गई और 14 अन्य घायल हो गए। अफगानिस्तान के उप सरकारी प्रवक्ता हमदुल्ला फितरत ने सोशल मीडिया पर बताया कि पूर्वी कुनार प्रांत में हुए इन हमलों में दो स्कूल, दो मस्जिदें और एक स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं।

 

पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पाकिस्तान का कहना है कि अफगानिस्तान के ये दावे हाल ही में अफगान क्षेत्र से पाकिस्तान की तरफ हुई गोलीबारी को छिपाने की कोशिश हैं। पाकिस्तान के मुताबिक, मार्च और अप्रैल में अफगान सीमा से हुए हमलों में खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर जिले में नौ महिलाओं और बच्चों की जान गई थी। पाकिस्तान ने कहा कि बाजौर के हमलों ने अफगान शासन की लापरवाही और शर्मनाक हरकतों को दुनिया के सामने ला दिया है।

विज्ञापन

पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के ताजा दावों पर तकनीकी सवाल भी उठाए हैं। पाकिस्तान का तर्क है कि जो तस्वीरें दिखाई जा रही हैं, वे तोप के गोलों से हुए नुकसान जैसी नहीं लगतीं। पाकिस्तान के अनुसार, इमारतों की छतें सलामत हैं और नुकसान केवल कुछ ही हिस्सों में है, जो यह संकेत देता है कि यह तबाही बनावटी हो सकती है।
ये भी पढ़ें: बंगाल में पहली बार खिला कमल, तमिलनाडु में विजय की आंधी; असम में BJP की हैट्रिक, केरलम में कांग्रेस की वापसी
दोनों देशों के बीच फरवरी के अंत से ही खूनी संघर्ष चल रहा है, जिसमें अब तक सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं। यह तनाव तब शुरू हुआ था जब अफगानिस्तान ने पाकिस्तानी हवाई हमलों के जवाब में सीमा पार हमला किया था। पाकिस्तान अक्सर अफगानिस्तान पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) जैसे चरमपंथियों को पनाह देने का आरोप लगाता है। पाकिस्तान का कहना है कि यह गुट अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान में हमले करने के लिए करता है, हालांकि काबुल इन आरोपों को हमेशा नकारता रहा है।

और पढ़े  बाबा वेगा- पेट्रोल-डीजल और LPG पर आने वाला है बड़ा संकट? बाबा वेंगा की भविष्यवाणी वायरल, जानिए सच्चाई...

अप्रैल की शुरुआत में चीन की मध्यस्थता में दोनों देशों के बीच शांति वार्ता हुई थी। उस समय दोनों पक्ष संघर्ष को न बढ़ाने और बातचीत से समाधान खोजने पर सहमत हुए थे। इसके बावजूद सीमा पर झड़पें जारी हैं, हालांकि अब इनकी तीव्रता पहले के मुकाबले कुछ कम हुई है।


Spread the love
  • Related Posts

    केरल में सतीशन सरकार का बड़ा एक्शन-: सिल्वर लाइन प्रोजेक्ट पर लगाई रोक, पहले से रहा विवादों में

    Spread the love

    Spread the loveकेरल में नई सरकार के गठन के साथ ही बड़े फैसलों का सिलसिला शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री सतीशन ने कैबिनेट बैठक के बाद राज्य के लिए कई…


    Spread the love

    शरद पवार ने जमकर की PM मोदी की तारीफ, बोले- वे भारत का मान बढ़ाने में जुटे

    Spread the love

    Spread the loveएनसीपी नेता शरद पवार ने एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की खूब तारीफ की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अंतरराष्ट्रीय मंच पर…


    Spread the love