बुरहानपुर / मध्य प्रदेश : राजनेताओं द्वारा किया जा रहा है भू माफिया का काम, पद पर होने के कारण नहीं हो रही है कोई कार्रवाई..

Spread the love

बुरहानपुर जिले के विधानसभा क्षेत्र नेपानगर में एक विधायक पौधों को गोद लेता है और दूसरी विधायक उन्हीं पौधों को कुचल देता है ऐसा ही मामला नेपानगर विधानसभा क्षेत्र की विधायक सुमित्रा कास्डे कर ने किया है इन्होंने अपने पद को ताक पर रखकर जो भूमि पर 31 अक्टूबर 2012 में वृक्ष गंगा अभियान के तहत 1124 फलदार वृक्षारोपण किया गया था उसी भूमि को अपनी ननंद कलाबाई को वृक्षों को नष्ट कर वृक्षारोपण वाली भूमि कृषि भूमि बना ली गई यह भूमि
31 अक्टूबर 2012 वृक्ष गंगा अभियान अंतर्गत डॉ प्रणव पंड्या द्वारा 1124 फलदार वृक्ष को मंत्र उच्चार, विधि-विधान और पूजन के साथ रोपण किया गया था।
इसके बाद वर्ष 2014- 15 से 2020 तक ग्राम पंचायत देड़तलाई से ₹3.50 लाख खर्च कर रिप्लांटेशन किया गया।
वर्ष 2018 -19 में ₹4.50 लाख खर्च कर निस्तार तालाब का निर्माण किया गया। 2013-14 में सिंचाई के लिए पंचायत द्वारा ट्यूबवेल खनन व्यवस्था की गई।
ट्यूबवेल के लिए 5 hp का मोटर, पाइप ओर केबल गांव के नंदकिशोर मालवीय ओर राजेश मालवीय ने भेंट दिया था।

मोटर पम्प के लिए तत्कालीन विधायक राजेंद्र दादू ने बिजली की व्यवस्था और ट्रांसफार्मर की व्यवस्था करवाई थी।
ड्रिप कम्पनी तुलसी जलगांव ने 1124 वृक्षो के लिए ड्रिप भेट की थी।
ग्राम पंचायत देड़तलाई से प्रतिमाह ₹ 2 हजार कुछ वर्षों तक चौकीदार को दिया गया वर्ष 2014 -15 में रोजगार गारंटी से ₹ 1 लाख खर्च कर सीसीटी (खंती) का कार्य किया गया। पिछले सात-आठ वर्षों से जिस भूमि पर गायत्री परिवार द्वारा उपवन लगाया गया था वहां से जो मोटर पंप के लिए बिजली उपयोग में ली जा रही है वह फ्री में उपयोग किया जा रहा है।
इस आयोजन को बुरहानपुर जिला और धारणी क्षेत्र के जनसहयोग से किया गया था।
कार्यक्रम में पूर्व सांसद स्व. नंदू भैया ओर विधायक स्व. राजेन्द्र दादू ने भी संकल्प के साथ पौधों को गोद लेकर रोपण किया था।
फारेस्ट विभाग से उपवन के चतुरसीमा में तार फेंसिंग की गई थी।
इसके बाद वर्ष 2019 में विधायक सुमित्रा कास्डेकर की सगी ननंद कलाबाई द्वारा पौधों को नष्ट कर उस भूमि पर कृषि कार्य किया जा रहा है, ओर वहाँ दान में मिली सभी भेंट को निजी स्वार्थ के लिए उपयोग में लिया जा रहा है।
इस अतिक्रमण की तहसीलदार, कलेक्टर ओर cm हेल्पलाइन पर भी शिकायते चल रही है लेकिन राजनैतिक दबाव में अधिकारी कार्यवाही नही करते। अब देखना यह है कि शासन प्रशासन इस पर कार्रवाई करती है या नहीं कर पाती है या विधायक के दबाव में आकर कार्रवाई रुक जाती है या यह मान ले की राजनीति दबाव में कार्रवाई नहीं हो नहीं हो पाती है सोचने वाली बात यह है कि क्या सत्ता में बैठे हैं राजनेता कुछ भी कर सकते हैं क्या इनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हो सकती है जबकि कोई साधारण आम व्यक्ति के द्वारा अपनी स्वयं की भूमि पर जो बीच खेत में हो एक पेड़ काट दिया जाए तो राजस्व विभाग फॉरेस्ट वन विभाग द्वारा शक्ति दिखाकर ऐसे व्यक्ति के खिलाफ जुर्माना भरने के साथ-साथ जेल की भी सजा करवा दी जाती है तो फिर ऐसे सत्ता में बैठे राजनेताओं एवं उनके परिवार जनों के खिलाफ क्यों नहीं सकती दिखाई जाती है

और पढ़े  12 देशों के 46 विद्यार्थियों ने आईआईटी मद्रास से ली डिग्री, अमेरिका-सोमालिया, सूडान के छात्र शामिल

Spread the love
  • Related Posts

    US-Iran समझौता: ईरान परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका का सख्त रुख, व्हाइट हाउस ने समझौते से स्थायी शांति का किया दावा

    Spread the love

    Spread the loveअमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित समझौता पश्चिम एशिया में लंबे समय की शांति सुनिश्चित कर सकता है और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करने की दिशा…


    Spread the love

    महंगाई ने तोड़ा 16 महीने का रिकॉर्ड, सोने-चांदी के आभूषणों और टमाटर-अदरक ने बिगाड़ा रसोई का बजट

    Spread the love

    Spread the loveइस तपती गर्मी में सिर्फ मौसम का पारा ही नहीं चढ़ रहा है, आपके घर का मासिक बजट और रसोई का खर्च भी बढ़ रहा है। शुक्रवार को…


    Spread the love

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *