नेपाल से आईं बहुएं भारत की मतदाता नहीं बन सकती हैं। मतदाता सूची में उन्हें अपना नाम शामिल करवाने के लिए पहले यहां की नागरिकता लेनी होगी। इसीलिए भारत की वैध निवासी होते हुए भी उन्हें जनप्रतिनिधि चुनने का अधिकार नहीं मिलेगा। अलबत्ता, तय मानक पूरा करने पर ऐसे दंपतियों के बच्चे जरूर भारतीय नागरिक माने जाएंगे। उनका नाम मतदाता सूची में शामिल हो सकता है।
भारत और नेपाल में रोटी-बेटी का प्रगाढ़ संबंध है। ऐसे में सिद्धार्थनगर, महराजगंज, बलरामपुर, गोंडा, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत के लोगों की नेपाल में शादी हुई है। चुनाव आयोग के अधिकारियों का कहना है कि नेपाल की जो लड़कियां भारतीय नागरिकों से शादी करके यहां बस गई हैं, वह यहां की वैध निवासी तो हैं, पर वह भारतीय नागरिक नहीं हैं।







