पश्चिम एशिया में एक महीने से भड़क रहा संघर्ष अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। अमेरिका और इस्राइल के लगातार तेज होते हमलों ने हालात को विस्फोटक बना दिया है। आसमान में दहाड़ती मिसाइलें और शहरों में गूंजते धमाके तबाही का मंजर खड़ा कर रहे हैं। दूसरी ओर डोनाल्ड ट्रंप का ईरान को दिया गया सख्त अल्टीमेटम हालात को और भड़का रहा है, जिससे पूरी दुनिया में बेचैनी और डर बढ़ गया है। ईरान का साफ इनकार कि वह दबाव में आकर बातचीत नहीं करेगा, टकराव को और खतरनाक बना रहा है। ऐसे में अब सबकी नजरें आज पर टिकी हैं, क्या यह दिन बड़े हमले और विनाश का संकेत बनेगा या हालात आखिरी वक्त पर संभलेंगे?
यूएई में मिसाइल हमले का खतरा, एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने कहा है कि वह इस समय मिसाइल हमले के खतरे से निपट रहा है। देश की नेशनल इमरजेंसी, क्राइसिस एंड डिजास्टर अथॉरिटी ने बताया कि एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए हैं और वे मिसाइल खतरे का जवाब दे रहे हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और केवल सरकारी निर्देशों और अपडेट्स पर ध्यान दें। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है और कई देशों पर हमले का खतरा बना हुआ है।
इराक ने अमेरिका-ईरान युद्धविराम का स्वागत किया
इराक ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम का स्वागत किया है। इराक के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस कदम से क्षेत्र में तनाव कम होगा और सुरक्षा व स्थिरता मजबूत होगी। मंत्रालय ने कहा कि वह संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान का समर्थन करता है और सभी पक्षों से अपील की कि वे युद्धविराम का पूरी तरह पालन करें और किसी भी तरह की नई कार्रवाई से बचें।
गौरतलब है कि इस संघर्ष के दौरान इराक में ईरान समर्थक समूहों ने अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए, जबकि अमेरिका और इज़राइल ने भी ईरान से जुड़े लड़ाकों पर जवाबी कार्रवाई की। इसके अलावा, ईरान ने उत्तरी इराक में कुर्द विरोधी समूहों को भी निशाना बनाया।
इस्राइल भी युद्धविराम के लिए सहमत
एक अमेरिकी न्यूज चैनल ने व्हाइट हाउस के एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से बताया है कि इस्राइल भी युद्धविराम के लिए सहमत हो गया है। यह रिपोर्ट इस्राइल के सार्वजनिक प्रसारक कान ने भी प्रसारित की है। हालांकि इस्राइल या अमेरिकी अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अमेरिका की अवसंरचना पर ईरान समर्थक हैकर्स का हमला, चेतावनी जारी
अमेरिका की साइबर सुरक्षा एजेंसी (CISA), एफबीआई और एनएसए ने मंगलवार को चेतावनी जारी की है कि ईरान समर्थक हैकर्स ने अमेरिकी अवसंरचना में सेंधमारी की है। अधिकारियों ने बताया कि इन हैकर्स ने इंटरनेट से जुड़े उपकरणों की कमजोरियों का फायदा उठाकर मशीनों और महत्वपूर्ण सेक्टरों के संचालन में दखल देने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि हमलों का उद्देश्य संचालन को बाधित करना और आर्थिक नुकसान पहुंचाना था।
विवरण तो नहीं दिया गया, लेकिन एजेंसियों ने कहा कि जो भी अमेरिकी संस्थान इन उपकरणों का उपयोग करते हैं, उन्हें अपने साइबर सुरक्षा उपायों की जांच करनी चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान समर्थक हैकर्स और उनके सहयोगी समूह अमेरिका और इज़राइल के महत्वपूर्ण अवसंरचना जैसे बंदरगाह और जल संयंत्रों को निशाना बना सकते हैं।






