चेतावनी: भुखमरी की चपेट में आ सकते हैं 1.4 करोड़ लोग,डब्ल्यूएफपी ने बताई फंडिंग संकट की वजह

संयुक्त राष्ट्र की खाद्य सहायता एजेंसी ने बुधवार को कहा कि उसके प्रमुख दानदाताओं द्वारा वित्त पोषण में की गई कटौती से छह देशों में उसकी गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। उसने चेताया कि इससे करीब 1.4 करोड़ लोग भुखमरी की कगार पर पहुंच सकते हैं। विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) ने अपनी नई रिपोर्ट में कहा कि इस वर्ष उसका वित्त पोषण अब तक की सबसे बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है।

डब्ल्यूएफपी ने कहा, इस चुनौती का मुख्य कारण अमेरिका (डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के तहत) तथा अन्य प्रमुख पश्चिमी देशों द्वारा अनुदान में की गई भारी कटौती है। एजेंसी ने चेतावनी दी कि उसकी खाद्य सहायता प्राप्त करने वाले 1.37 करोड़ लोगों को अब आपात स्तर की भुखमरी का सामना करना पड़ सकता है। जिन देशों में मुख्य व्यवधान देखने को मिल रहे हैं, वे अफगानिस्तान, कांगो, हैती, सोमालिया, दक्षिण सूडान और सूडान हैं।

 

भुखमरी विरोधी प्रगति खोने का खतरा
डब्ल्यूएफपी ने बताया कि इस साल उसे 40% कम वित्त पोषण मिलने के आसार हैं। इस तरह उसका अनुमानित बजट 10 अरब डॉलर से घटकर 6.4 अरब डॉलर रह जाएगा। एजेंसी की अधिकारी सिंडी मैक्केन ने कहा, यह सिर्फ धन की कमी नहीं, इससे अब तक हुई प्रगति खोने का खतरा है।

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