वक्फ बिल: 13 घंटे लंबी चर्चा के बाद वक्फ विधेयक राज्यसभा से भी पारित, पक्ष में पड़े 128 वोट, विपक्ष में 95

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वक्फ संशोधन विधेयक-यूनिफाइड वक्फ मैनेजमेंट एम्पावरमेंट एफिशिएंसी एंड डवलपमेंट (उम्मीद) पर 13 घंटे  की लंबी चर्चा के बाद बृहस्पतिवार देर रात 2:30 के बाद राज्यसभा ने भी अपनी मुहर लगा दी। लोकसभा की तरह उच्च सदन ने भी विपक्ष के सभी संशोधन प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज कर दिए। हालांकि, द्रमुक के तिरुचि शिवा का संशोधन 92 के मुकाबले 125 मतों से खारिज हो गया। इससे पहले, लोकसभा ने बुधवार रात करीब 1.56 बजे वक्फ संशोधन विधेयक बहुमत से पारित कर दिया। विधेयक के पक्ष में 288, जबकि विरोध में 232 मत पड़े। विधेयक पर लोकसभा में 12 घंटे से अधिक समय तक चर्चा हुई। विधेयक अब हस्ताक्षर के लिए राष्ट्रपति के पास जाएगा और सरकार की ओर से अधिसूचित होते ही कानून का रूप ले लेगा।

बहस में इन नेताओं ने संभाला मोर्चा
इससे पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों में विधेयक पर जमकर बहस हुई। विपक्ष की ओर से मल्लिकार्जुन खरगे, रामगोपाल यादव, कपिल सिब्बल समेत दिग्गज नेताओं ने विधेयक का विरोध किया जबकि सत्ता पक्ष की ओर से किरेन रिजिजू के अलावा जेपी नड्डा, राधामोहन अग्रवाल, उपेंद्र कुशवाहा आदि ने मोर्चा संभाला।

 

किरेन रिजिजू ने विपक्ष के उठाए मुद्दों का दिया सिलसिलेवार जवाब
चर्चा का जवाब देते हुए किरेन रिजिजू ने विपक्ष के उठाए मुद्दों का सिलसिलेवार जवाब दिया। उन्होंने विपक्ष के इस दावे को गलत बताया कि राष्ट्रीय वक्फ काउंसिल में गैर मुस्लिमों का बहुमत होगा। रिजिजू ने कहा, 20 सदस्यीय बॉडी में पदेन अध्यक्ष समेत चार से अधिक गैर मुस्लिम सदस्य हो ही नहीं सकते। इसी प्रकार 11 सदस्यीय राज्य बॉडी में 3 से अधिक गैर मुस्लिम नहीं होंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा, अधिकांश सदस्यों ने आरोप लगाया कि जेपीसी या सरकार ने कानून पर उनके सुझाव नहीं माने। सरकार किसी की नहीं सुनती। यह आरोप पूरी तरह गलत है। हम सुझाव नहीं मानते तो इस विधेयक का जो मूल मसौदा आया था और जो विधेयक आज पेश हुआ है उसमें इतना बदलाव नहीं होता। विधायक में बड़े पैमाने पर बदलाव है और यह सदस्यों के सुझाव के सुझाव पर ही हुआ है। रिजिजू ने कहा, पहले से रजिस्टर संपत्तियों में छेड़छाड़ नहीं हो सकती यह संशोधन जेपीसी में विपक्ष के सुझाव पर ही शामिल किया गया। इसी प्रकार गैर रजिस्टर्ड वक्फ ट्रस्टों के लिए छह महीने की समय सीमा को भी विपक्ष के सुझाव पर बढ़ाया गया। इसके अलावा भी कई संशोधन विपक्ष के सुझाव पर लिए गए।

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पांच साल से मुस्लिम धर्म का पालन करने वाले लोगों की ओर से ही अपनी संपत्ति वक्फ के लिए दान करने के नियम पर रिजिजू ने कहा, कई सदस्यों ने सवाल उठाया कि प्रैक्टिसिंग मुस्लिम का फैसला कैसे होगा। मैं कहना चाहता हूं कि आखिर आज हम इस बात का फैसला कैसे करते हैं कि कौन शख्स किस धर्म का है। ऐसे ही आगे भी होगा।

विपक्ष की ओर से यह कहे जाने पर कि आखिर यह सरकार मुस्लिमों के मामले में दखल क्यों दे रही है, रिजिजू ने कहा, आखिर मोदी सरकार को ऐसा क्यों नहीं करना चाहिए। लोगों ने मोदी जी को सरकार चलाने के लिए चुना है। विपक्ष मुसलमानों के मामलों का ठेकेदार बना रहना चाहता है। मंत्री ने कहा, विपक्ष कह रहा है कि मुसलमानों की स्थिति आजादी के इतने साल बाद भी खराब है और उनमें गरीबी है। आखिर आजादी के बाद 60 साल तक कांग्रेस और अन्य दलों का ही शासन रहा, फिर जिम्मेदारी किसकी है।

सरकार वक्फ संपत्तियों में दखल नहीं दे रही- किरेन रिजिजू
वक्फ बोर्डों में गैर मुस्लिमों को शामिल करने पर रिजिजू ने कहा, सबसे पहले तो लोगों को यह समझ लेना चाहिए कि सरकार वक्फ संपत्तियों में दखल नहीं दे रही। धार्मिक संस्थाओं में सरकार को कोई दखल नहीं होगा लेकिन वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन प्रशासनिक मामला है और वक्फ संपत्तियों का विवाद सिर्फ मुसलमान का मुसलमान से नहीं है। कई जगह ये विवाद दूसरे धर्म के लोगों से भी होता है। ऐसे में फैसला करने वाली संस्थाओं में सिर्फ मुसलमान कैसे हो सकते हैं। रिजिजू ने कहा, पहले से पंजीकृत संपत्तियों से छेड़छाड़ नहीं हो सकती, यह बदलाव विपक्ष के सुझाव पर ही किया गया। इसी तरह, गैर रजिस्टर्ड वक्फ ट्रस्टों के लिए छह महीने की सीमा भी विपक्ष के सुझाव पर बढ़ाई गई।

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विधेयक पर कांग्रेस की ओर से चर्चा शुरू करते हुए सैयद नसीर हुसैन ने कहा, विधेयक मुस्लिम समुदाय के खिलाफ है। सरकार सांप्रदायिक तनाव भड़काना चाहती है। हुसैन ने कहा, जेपीसी में विपक्ष किसी भी संशोधन को इसमें जगह नहीं दी गई। विधेयक पारित होने से मुस्लिम देश में दूसरे दर्जे के नागरिक बन जाएंगे।

 

विधेयक का मकसद वक्फ संपत्ति की सुरक्षा : नड्डा
वहींकेंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, हमारा प्रयास है कि वक्फ के काम में पारदर्शिता आए। इसका मूल मकसद वक्फ संपत्ति का रखरखाव करना है। विधेयक के खिलाफ जो भ्रम फैलाया जा रहा है, उसका विरोध करता हूं। बिल को लेकर 2013 में बनी जेपीसी में सिर्फ 13 सदस्य थे, अब इस बिल को लेकर बने जेपीसी में 31 सदस्य थे।

सारी संपत्ति बेच ली तब  याद आई : रामगोपाल
सपा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा, सरकार को दस साल तक याद नहीं रहा कि वक्फ के पास कितनी संपत्ति और कितना पैसा है। जब उन्होंने सारी संपत्ति बेच ली, तब याद आई। सभी धर्मों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। मुसलमानों को यह नहीं लगना चाहिए कि उनसे अन्याय हो रहा है।

सरकार पर सवालिया निशान
राजद के मनोज झा ने कहा, इस विधेयक की सामग्री और छिपा एजेंडा सरकार पर सवालिया निशान लगाता है। उन्होंने इसे मुस्लिमों को देश की मुख्यधारा से काटने की राजनीति करार दिया। कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा, सदन में झूठ बोला गया कि न्यायाधिकरण के फैसलों को चुनौती नहीं दे सकते, जबकि वक्फ कानून 1995 की धारा 83(9) में हाईकोर्ट में चुनौती दे सकते हैं।

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भू-हड़प का चल पड़ा सिलसिला
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, कभी देश में भूदान आंदोलन होता था, आज गांधियों के नेतृत्व में भू-हड़प का सिलसिला चल पड़ा है। जो लोग कह रहे हैं कि कानून व अदालत के आदेश नहीं मानेंगे, तो इसके मायने है कि वे अपनी खुदाई में जी रहे हैं।

हिंदू संस्थानों की भूमि का मुद्दा उठाकर फंसे सिब्बल
चार राज्यों में हिंदू संस्थानों के पास 10 लाख एकड़ से अधिक जमीन होने का मुद्दा उठाकर निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल निशाने पर आ गए। इस पर वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, इन जमीनों का प्रबंधन सरकार करती है।


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