त्रिपुरा में कड़ी सुरक्षा के बीच टीटीएएडीसी चुनाव के लिए वोटिंग जारी, शुरुआती दो घंटों में 22% मतदान

त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (टीटीएएडीसी) चुनाव में रविवार को मतदान के पहले दो घंटों के भीतर लगभग 22 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। अधिकारियों के अनुसार, मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण माहौल में और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जारी है। राज्य के आठ जिलों में फैले 1,257 मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हुआ। कुल 9,62,547 मतदाता 173 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला कर रहे हैं। मतदान शाम 4 बजे तक जारी रहेगा।

यह चुनाव राज्य की राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 30 सदस्यों वाली इस परिषद में 28 सदस्य जनता द्वारा चुने जाते हैं, जबकि दो सदस्यों को राज्य सरकार नामित करती है। टीटीएएडीसी त्रिपुरा के लगभग 70 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र का प्रशासन संभालती है, जिससे इसकी रणनीतिक अहमियत और बढ़ जाती है।

 

मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें
चुनाव आयोग के अधिकारी बिपुल बर्मन ने बताया कि सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी गईं और अब तक किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। निर्वाचन क्षेत्र में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। अर्धसैनिक बलों के साथ-साथ आईजी और दो डीआईजी स्तर के अधिकारियों को भी निगरानी के लिए तैनात किया गया है। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने मतदाताओं से अपने लोकतांत्रिक अधिकार का उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी लोग मिलकर एक मजबूत और विकसित टीटीएएडीसी के निर्माण में भाग लें।

173 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला
राज्य के आठ जिलों में फैली 28 सीटों पर कुल 173 उम्मीदवार मैदान में हैं। चुनावी मैदान में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), माकपा के नेतृत्व वाला वाम मोर्चा और कांग्रेस जहां अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में हैं, वहीं क्षेत्रीय दल टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) और इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) भी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। इसके अलावा 38 निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनावी समीकरण को दिलचस्प बना रहे हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम
चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पुलिस महानिदेशक अनुराग के अनुसार, 13,500 से अधिक केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने अंतिम समय में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की 24 कंपनियां भी उपलब्ध कराई हैं। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

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क्यों अहम है यह चुनाव?
टीटीएएडीसी चुनाव को राज्य विधानसभा के बाद दूसरा सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक मंच माना जाता है। इस चुनाव के नतीजे न केवल आदिवासी क्षेत्रों की राजनीति को प्रभावित करेंगे, बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भी संकेत देंगे।

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