इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने देश के कई बड़े शहरों में महंगाई के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और तोड़फोड़ की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतंत्र का अहम हिस्सा हैं, लेकिन राजनीतिक हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जा सकतीं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कई शहरों में कानून लागू कराने वाले अधिकारियों को सीधे हमलों और तोड़फोड़ का सामना करना पड़ा। हालात को देखते हुए प्रशासन को आपात कदम उठाने पड़े।
- मेलोनी ने कहा, “दूसरी ओर, हम इटली के अन्य शहरों में हुई घटनाओं को नजरअंदाज नहीं कर सकते। मिलान में सुरक्षा बलों पर पत्थर फेंके गए, अधिकारी घायल हुए और हिंसा तथा तोड़फोड़ के कारण जुलूस रोकना पड़ा। ट्यूरिन में कुछ लोगों को पत्थर और खिड़कियां तोड़ने में इस्तेमाल होने वाले हथौड़ों के साथ रोका गया। बोलोन्या में हिंसा के कारण रेलवे स्टेशन को एहतियातन बंद करना पड़ा।”
- उन्होंने हिंसा करने वालों को ऐसे उपद्रवी बताया, जो प्रदर्शनों का फायदा उठाकर अराजकता फैलाते हैं, सुरक्षा सुनिश्चित करने वालों पर हमला करते हैं और पूरे शहर को बंधक जैसी स्थिति में डाल देते हैं। मेलोनी ने कहा, “प्रदर्शन करना अधिकार है। हमारे शहरों को आग के हवाले करना नहीं।”
विपक्ष से हिंसा की स्पष्ट निंदा करने की अपील
इटली की प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों के नेताओं से सड़क पर होने वाली हिंसा के खिलाफ स्पष्ट रुख अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर अस्पष्ट रवैया अपनाने से सार्वजनिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था प्रभावित होती है। मेलोनी ने कहा, “मैं विपक्ष से फिर अपील करती हूं कि इस मामले में अस्पष्ट रुख न अपनाएं। हिंसा की इन घटनाओं की स्पष्ट रूप से निंदा करें और यह संदेश दें कि हर प्रदर्शन शांतिपूर्ण होना चाहिए।”
महंगाई, कम वेतन और सार्वजनिक सेवाओं को लेकर प्रदर्शन
इतालवी प्रसारक राय न्यूज के अनुसार, शनिवार को देश के कई शहरों में बढ़ती महंगाई और जीवनयापन की लागत के खिलाफ प्रदर्शन हुए। मिलान में अकेले पांच हजार से अधिक लोग जुटे। छात्र-नेतृत्व वाले इस आंदोलन का आह्वान ‘इटली इन द स्क्वायर’ समिति ने किया था।
प्रदर्शनकारियों ने बढ़ती महंगाई, कम वेतन, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पर्याप्त धन की कमी और सरकारी स्कूलों की बिगड़ती स्थिति के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने सरकार की नीतियों का भी विरोध किया। मिलान के पियाजा डुओमो इलाके में हालात बिगड़ गए। राय न्यूज के मुताबिक, हिंसा करने वालों ने दुकानों के शीशे तोड़े, पास के एक निर्माण स्थल में आग लगा दी और वाया ब्रोलेटो में पुलिस अधिकारियों की ओर आतिशबाजी फेंकी।
जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की, तो दंगा नियंत्रण पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए कार्रवाई की। इस दौरान करीब 12 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा और लगभग 50 लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस मुख्यालय ले जाया गया।
बोलोन्या में रेलवे स्टेशन के पास झड़पें
बोलोन्या में हिंसा शहर के मुख्य रेलवे स्टेशन के आसपास केंद्रित रही। राय न्यूज के अनुसार, हुड पहने युवाओं के एक समूह ने पियाजा मेडालिए डी ओरो स्थित केंद्रीय रेलवे स्टेशन को निशाना बनाया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर, कांच की बोतलें, धुएं वाले बम और धातु के अवरोधक फेंके। इस दौरान सार्वजनिक किराये की कई साइकिलें भी गिरा दी गईं।
फ्रांस में भी महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन
महंगाई और बढ़ती जीवनयापन लागत को लेकर फ्रांस में भी देशव्यापी प्रदर्शन हुए। फ्रांस 24 के मुताबिक, पेरिस और कई अन्य शहरों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें हुईं। प्रदर्शनकारियों के निशाने पर राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और उनकी सरकार रही। फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया कि देशभर में करीब 5.5 लाख लोगों ने प्रदर्शनों में हिस्सा लिया और पुलिस ने लगभग 400 लोगों को गिरफ्तार किया।







