उत्तराखंड में नकली दवाइयों के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर फर्जी दवाएं बनाने और बेचने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इस प्रकरण में अब तक कुल 16 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि एक जून 2025 को प्रतिष्ठित दवा कंपनियों के नकली रैपर, आउटर बॉक्स, लेबल और क्यूआर कोड भारी मात्रा में बरामद किए गए थे। इस मामले में संतोष कुमार को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में सेलाकुई थाना में प्राथमिकी दर्ज है। इसकी विवेचना एसटीएफ को स्थानांतरित की गई थी।
जांच के दौरान पहले गिरफ्तार हुए नवीन बंसल उर्फ अक्षय (निवासी भिवाड़ी, राजस्थान) से पूछताछ में सामने आया कि उसने नरेश धीमान, लोकेश गुलाटी और मोहतरम अली से नकली दवाइयां खरीदकर बाजार में बेची थीं। इसके बाद टीम ने 17 फरवरी को रुड़की और देवबंद में दबिश देकर तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। नरेश धीमान और लोकेश गुलाटी हरिद्वार जिले के रहने वाले हैं।
मोहतरम अली देवबंद सहारनपुर का रहने वाला है। लोकेश गुलाटी के खिलाफ नकली दवाओं से संबंधित एक और मामला थाना गंगनहर, हरिद्वार में दर्ज है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से भारी मात्रा में नकली दवाएं और निर्माण सामग्री बरामद हुई है। अजय सिंह ने कहा









