उत्तराखंड: प्रदेश के हिमाच्छादित 131 गांवों में आज से घर-घर जनगणना, ओटीपी या वित्तीय जानकारी नहीं मांगी जाएगी

त्तराखंड के हिमाच्छादित क्षेत्रों में मंगलवार से घर-घर जनगणना का कार्य शुरू हो जाएगा। इसके लिए जनगणना विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग व पिथौरागढ़ जिले के 131 हिमाच्छादित गांवों व तीन शहरी स्थानीय निकाय बदरीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री में पर्यवेक्षक व प्रगणकों को जनगणना के लिए तैनात कर दिया गया है।

जनगणना निदेशक ईवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश के हिमाच्छादित क्षेत्रों में आगामी जनगणना कार्य के तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। विशेष अभियान के लिए अब तक 139 प्रगणक और 43 पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है। भौगोलिक विस्तार की दृष्टि से चमोली जिले के 23 हिमाच्छादित गांव व बदरीनाथ नगर पंचायत, रुद्रप्रयाग जिले के चार गांव व केदारनाथ नगर पंचायत, उत्तरकाशी जिले के 69 गांव व गंगोत्री नगर पंचायत और पिथौरागढ़ जिले के 35 हिमाच्छादित गांवों को जनगणना में शामिल किया गया।

जिलावार प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उत्तरकाशी जिले में 110 प्रगणक व पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। चमोली में 38, पिथौरागढ़ में 22 व रुद्रप्रयाग में 12 प्रगणक व पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है। जनगणना के लिए डिजिटल प्रक्रिया में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी दर्ज की जा रही है। 31 अगस्त 2026 तक राज्य के कुल 338 नागरिकों ने स्वगणना के माध्यम से अपनी प्रविष्टि दर्ज की है। इनमें उत्तरकाशी जिले से सर्वाधिक 277 नागरिकों ने स्वगणना की है। चमोली से 29, पिथौरागढ़ से 24 और रुद्रप्रयाग से 8 नागरिकों ने इस सुविधा का लाभ उठाया है।

 

ओटीपी या वित्तीय जानकारी नहीं मांगी जाएगी

और पढ़े  राजधानी में मर्डर: लूट के लिए हत्या या राजदार ही जिम्मेदार? महिला के शरीर पर मिले खरोंच के निशान, गहने गायब

स्थानीय परिस्थितियों, दुर्गम इलाकों व पहुंच संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए संबंधित जिला प्रशासन व स्थानीय निकायों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर विस्तृत कार्ययोजना लागू की गई है। जनगणना संबंधी किसी भी सहायता या जानकारी के लिए नागरिक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1855 पर संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन ने नागरिकों को विशेष रूप से सचेत किया गया है कि जनगणना प्रक्रिया के दौरान किसी भी व्यक्ति की ओर से कोई ओटीपी या वित्तीय जानकारी नहीं मांगी जाएगी।

  • Related Posts

    क्या है ‘हनुमान अंश’ वाले बाबा नीम करौली की असली कहानी, कौन थे ये संत…

    फिल्म हनुमान अंश की सफलता के बीच संत बाबा नीम करौली एक बार फिर चर्चा में हैं। फिल्म के जरिए लोगों की दिलचस्पी उस संत के जीवन को जानने में…

    लालकुआं / हल्दूचौड़- सोयाबीन फैक्ट्री में मलबे की आड़ में बुल्डोजर से खुदाई का खेल? यूसीएफ ने बैठाई जांच

    हल्दूचौड़ स्थित उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ (यूसीएफ) के सोयाबीन एवं वनस्पति कॉम्प्लेक्स परिसर में चल रहे भवन ध्वस्तीकरण को लेकर मिल रही लगातार शिकायतों के बाद यूसीएफ के महाप्रबंधक त्रिभुवन…