यूएस नगर- 470 हादसों में 250 मौतें…साल भर में नहीं मिला एक भी राह-वीर, 25 हजार का इनाम भी नहीं जगा सका संवेदनाएं

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ड़क दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति की जान बचाने के लिए शुरुआती एक घंटा यानी ”गोल्डन आवर” अहम माना जाता है। ऊधमसिंह नगर में तस्वीर एकदम उलट है। यहां एक साल में राह-वीर योजना के तहत मदद करने वाला एक भी नागरिक सामने नहीं आया।

ऊधमसिंह नगर जिले में जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच 470 से अधिक सड़क दुर्घटनाओं में 250 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और 590 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार सड़क हादसे में मदद करने वाले नागरिक को अनावश्यक पुलिस पूछताछ या अदालत में गवाही देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद जिले में योजना शुरू होने के बाद से अब तक एक भी आवेदन परिवहन विभाग को प्राप्त नहीं हुआ है। एआरटीओ कार्यालय के अनुसार किसी भी राह-वीर को सम्मानित करने का अवसर नहीं मिल सका है।

 

क्या है राह-वीर योजना
सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिकों को सम्मानित करने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र सरकार की राह-वीर योजना लागू है। योजना के तहत घायल को गोल्डन आवर के भीतर अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि, प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी दी जाती है। राष्ट्रीय स्तर पर चयन होने पर यह सम्मान एक लाख रुपये तक का हो सकता है।

 

 

जागरूकता की कमी और कानून का डर बड़ी वजह
विशेषज्ञों का मानना है कि आज भी अधिकांश लोग सड़क हादसों में घायलों की मदद करने से इसलिए बचते हैं क्योंकि उन्हें पुलिस पूछताछ, अदालत के चक्कर और कानूनी प्रक्रिया का भय रहता है। जबकि राह-वीर योजना और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश मददगार नागरिकों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करते हैं। अधिकारियों का कहना है कि कई बार लोग सहायता तो करते हैं, लेकिन अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करना चाहते।

 

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कुछ जानते नहीं, बाकी मानते नहीं
राह-वीर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में एक बड़ी चुनौती इसकी जानकारी आम लोगों तक पहुंचाना भी है। एआरटीओ और पुलिस के पास ऐसा कोई सशक्त तंत्र नहीं है जिससे दुर्घटना स्थल पर घायल की मदद करने वाले व्यक्ति की पहचान कर उसे योजना का लाभ दिलाया जा सके। अस्पताल, पुलिस और परिवहन विभाग के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता भी महसूस की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि व्यापक जनजागरूकता और सरल प्रक्रिया से ही अधिक लोग आगे आएंगे। हालांकि जिन्हें जानकारी है उन्होंने भी इस योजना में दिलचस्पी नहीं दिखाई।

 

 

किस जिले में क्या हाल…जिला राह-वीर

नैनीताल 25

हरिद्वार 2

देहरादून 1

टिहरी 1

पौड़ी 1

राह-वीर योजना का उद्देश्य सड़क हादसों में घायलों की मदद के लिए आम नागरिकों को प्रोत्साहित करना है। घायल को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को प्रशासन सम्मानित करता है। ऊधमसिंह नगर में अब तक एआरटीओ कार्यालय को इस संबंध में कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। -मोहित कोठारी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन)


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