बाजारखाला में हैदरगंज ओवरब्रिज पर बुधवार को चाइनीज मांझे ने बाइक से जा रहे दुबग्गा के सीते बिहार निवासी सैयद शोएब (34) की जान ले ली। मांझा इतना सख्त था कि उससे शोएब के गले की नस कट गई। वह अनियंत्रित होकर बाइक से सड़क पर गिर पड़े। ट्रॉमा सेंटर में शोएब की जान चली गई।
शोएब की पत्नी ने बाजाखाला थाने में तहरीर दी है। आरोप है कि ओवर ब्रिज के पास अज्ञात व्यक्ति पतंग उड़ा रहा था। पतंग का मांझा शोएब के गर्दन में फंस गया, जिसके कारण उनकी जान चली गई। पुलिस का कहना है कि परिजनों की तहरीर पर केस दर्ज कर छानबीन की जाएगी। किस मांझे से शोएब के गले की नस कटी है, इसके बारे में भी पता लगाया जाएगा।
काम से निकले थे शोएब
साढू सैयद नदीम रजा ने बताया कि बुधवार दोपहर शोएब बाइक से ऑफिस के काम से निकले थे। शोएब पहले भोलानाथ कुआं पर रहते थे। बाद में वह दुबग्गा शिफ्ट हो गए थे। शोएब मां आब्दा बानो, पत्नी फौजिया, दो बेटियां बुशरा और इकरा के साथ रहते थे। वह एक फार्मा कंपनी में एमआर थे। परिजनों ने बताया कि शोएब के गले में लगभग छह सेंटीमीटर का गहरा घाव हो गया था। राहगीरों ने शोएब के फोन से परिजनों को घटना की जानकारी दी थी। शोएब के पिता सैयद आरिफ का 20 वर्ष पूर्व देहांत हो गया था। शोएब की एक बहन डॉ. शैला परवीन हैं।शोएब के पिता सैयद आरिफ ने दो शादियां की थी। शोएब दूसरी पत्नी आब्दा के बेटे थे।
24 मार्च 2025 : बाइक सवार अमन की कृष्णानगर इलाके में मांझे से गर्दन कट गई थी।
03 सितंबर 2025 : सर्व समाज उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष असीम मार्शल का चेहरा गट गया था।
28 नवंबर 2017 : बाजारखाला में इकराम का मांझे से गर्दन में चोट आई थी।
12 मई 2018 : गोमतीनगर में विजय लक्ष्मी गुप्ता घायल हो गई थीं।
18 अगस्त 2019 : राम कुमार की गोसाईगंज में मांझे से गर्दन कटी थी।
14 नवंबर 2020 : बाराबंकी निवासी लवकुश हुसड़िया फ्लाई ओवर के पास घायल हो गए थे।
22 जून 2022 : कैंट में युवक का हाथ और चेहरा कट गया था।
चीनी मांझा और पतंगबाजी पर सट्टेबाजी का गढ़ है पुराना लखनऊ
चीनी मांझे से दुबग्गा निवासी शोएब हैदर का गला हैदरगंज के पुल पर कटा जहां दोनों रेलिंग पर काफी ऊंचाई तक तार बंधे हैं। बावजूद इसके शोएब चीनी मांझा की चपेट में आ गए और जान गंवा बैठे। जानकार बताते हैं कि सआदतगंज, अकबरीगेट, वजीरबाग, मोहिनीपुरवा, हुसैनगंज इलाकों में चोरी छिपे चीनी मांझा की बिक्री जारी है। यहां सट्टा लगाकर पतंगबाजी भी होती है। इसी वर्ष जनवरी में ही सीएम पोर्टल पर इस बाबत शिकायत भी दर्ज कराई गई थी।
नायलॉन के धागे पर कांच की कोटिंग के बाद तैयार चीनी मांझा एक झटके में किसी की भी जान ले सकता है। सामान्य मांझा हाथ से टूट जाता है जबकि चीनी को काटने के लिए कैंची का इस्तेमाल करना पड़ता है। जब भी चीनी मांझा से कोई हादसा होता, दुकानदार इसकी बिक्री रोक देते हैं। पुलिस को भी छापे में कुछ नहीं मिलता। मामला शांत होने पर फिर कारोबारी सक्रिय हो जाते हैं। पुराना लखनऊ इसका सबसे बड़ा गढ़ है।
व्यापारी नेता बोले, कारोबार नहीं यह हत्या है
व्यापारी समाज ने चीनी मांझा पर इस बार अपनी चुप्पी तोड़ी है। कहा कि प्रतिबंधित सामान बेचना अपराध है। ऐसे दुकानदारों से व्यापारिक संगठनों को कोई हमदर्दी नहीं है। पुलिस को इनके खिलाफ सख्त अभियान चलाना चाहिए।
लापरवाही की वजह से जारी है बिक्री
लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र का कहना है कि पुलिस को छापा मारना चाहिए। कहीं तो चीनी मांझा बिक रहा है जिससे ऐसी घटनाएं हो रही हैं। मेरे हिसाब से यह हत्या है। पुलिस, प्रशासन व नगर निगम की मॉनीटरिंग टीमों की लापरवाही की वजह से ही बिक्री जारी है।
ऐसे दुकानदारों को पकड़वाएंगे
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष सुरेश छाबलानी ने कहा कि जो लोग इसका कारोबार कर रहे हैं उनसे तो पहले भी अपील की गई थी कि प्रतिबंधित सामानों की बिक्री न करें। अब वो नहीं मान रहे तो हम लोग चीनी मांझा बेचने वालों को पकड़वाएंगे।
सरकार ऑनलाइन बिक्री पर लगाए लगाम
उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता का कहना है कि ऑनलाइन खुले आम चीनी मांझा बिक रहे हैं, जिनकी सरकार को निगरानी करनी चाहिए। पतंग विक्रेता एसोसिएशन चीनी मांझा के खिलाफ अभियान चलाते रहे हैं। हम भी इसके खिलाफ हैं।








