जहां एक ओर रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन के निमय में बदलाव किया है, वहीं हाईवे पर सफर करना और एटीएम से बार-बार पैसे निकालना अब महंगा साबित हो सकता है। इसके अलावा पैन कार्ड की सुरक्षा और इनकम टैक्स भरने की प्रक्रिया को भी पहले से अधिक ट्रांसपेरेंट और डिजिटल बनाया गया है। इसलिए आइए इन सभी बड़े बदलावों को विस्तार से और आसान भाषा में समझते हैं ताकि आप अपनी वित्तीय योजना को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकें और किसी भी तरह के जुर्माने या असुविधा से बच सकें।
1- रेलवे टिकट कैंसिलेशन और रिफंड का नया गणित
रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए कुछ नियमों में बदलाव किया है। नए नियमों के तहत अब कंफर्म टिकट को ट्रेन छूटने से कम से कम 8 घंटे पहले कैंसिल करने पर ही रिफंड मिल सकेगा। बता दें कि पहले यह समय सीमा 4 घंटे की थी। ये नियम 1 अप्रैल से लागू होंगे। रेलवे का मानना है कि इस नियम से अंतिम समय की अफरा-तफरी कम होगी और खाली सीटें अन्य जरूरतमंद यात्रियों को समय पर मिल सकेंगी।
2- बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा में बड़ी राहत
रेलवे के यात्रियों के लिए अच्छी खबर यह है कि अब बोर्डिंग पॉइंट बदलने की समय सीमा बढ़ा दी गई है। अब आप ट्रेन छूटने के निर्धारित समय से मात्र 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन ऑनलाइन बदल सकेंगे। पहले यह सुविधा सिर्फ चार्ट तैयार होने तक ही मिलती थी। अब आखिरी समय में प्लान बदलने पर भी आपकी सीट सुरक्षित रहेगी और सफर पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक होगा।
3- FASTag हुआ महंगा और टोल पर कैश हुआ बंद
अगर आप हाईवे पर गाड़ी चलाते हैं, तो जान लें कि एनएचएआई (NHAI) ने फास्टटैग के सालाना पास की कीमत ₹3,000 से बढ़ाकर ₹3,075 कर दी है। इसके अलावा अब टोल प्लाजा पर कैश से भुगतान की सुविधा पूरी तरह खत्म कर दी गई है। अब आपको अनिवार्य रूप से फास्टटैग, यूपीआई या क्यूआर कोड के जरिए ही डिजिटल पेमेंट करना होगा। कैश की जिद करने पर अब भारी जुर्माना या दोगुनी फीस भरनी पड़ सकती है। ये निमय भी आज से ही लागू होंगे।
4- पैन कार्ड बनवाने के लिए चाहिए ज्यादा दस्तावेज
पैन कार्ड की सुरक्षा बढ़ाने के लिए अब सिर्फ आधार कार्ड से काम नहीं चलेगा। नए नियम के तहत अब आवेदन के समय वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट या 10वीं की मार्कशीट जैसे अतिरिक्त दस्तावेज देने पड़ सकते हैं। एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब आपके पैन कार्ड पर वही नाम प्रिंट होकर आएगा जो आपके आधार कार्ड में दर्ज है। इससे पहचान की चोरी और फर्जी पैन कार्ड बनवाने जैसी घटनाओं पर लगाम लगेगी।