मोबाइल के साथ सोने के दुष्प्रभाव: आप भी रात को सोते समय तकिए के नीचे रखते हैं फोन तो हो जाइए सावधान, हो सकता है खतरनाक

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ज के बच्चे हो, युवा हो या बुजुर्ग हो। हर कोई रात में सोने से पहले मोबाइल फोन का इस्तेमाल जरूर करता है। बच्चे तो तकिए के नीचे फोन रखकर भी सो जाते हैं। हालांकि, ऐसा करने से सेहत पर बुरा असर भी पड़ता है। मोबाइल फोन का अधिक उपयोग और इसे शरीर के अत्यधिक करीब रखना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। खासतौर पर, जब आप सोते समय इसे सिर के पास रखते हैं या दिनभर अपनी जेब में रखते हैं, तो इससे कुछ गंभीर खतरे हो सकते हैं। आइए दोनों स्थितियों को विस्तार से समझते हैं।

 

1. सोते समय मोबाइल पास रखना क्यों नुकसानदायक हो सकता है?

  • रेडिएशन का प्रभाव – मोबाइल फोन से निकलने वाली इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स (EMF) दिमाग और नींद की गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं।
  • नींद में खलल – नोटिफिकेशन की आवाज या स्क्रीन की रोशनी से नींद में बाधा आ सकती है।
  • आग लगने का खतरा – अगर मोबाइल चार्जिंग पर लगा हो और तकिए के नीचे रखा जाए, तो यह गर्म होकर आग पकड़ सकता है।

 

इन बातों का रखें ध्यान

  •  मोबाइल को सिर से कम से कम 3-5 फीट दूर रखें।
  •  सोते समय इसे फ्लाइट मोड पर डाल दें, ताकि रेडिएशन का प्रभाव कम हो।
  •  अलार्म के लिए मोबाइल के बजाय अलग घड़ी का उपयोग करें।

 

2. क्या मोबाइल को जेब में रखना सुरक्षित है?

  •  हृदय और प्रजनन स्वास्थ्य पर प्रभाव – कुछ शोध बताते हैं कि मोबाइल से निकलने वाली रेडिएशन पुरुषों के स्पर्म काउंट और महिलाओं के हार्मोनल संतुलन को प्रभावित कर सकती है।
  •  टिशू डैमेज का खतरा – लंबे समय तक मोबाइल जेब में रखने से शरीर के उस हिस्से में गर्मी महसूस हो सकती है, जिससे टिशू प्रभावित हो सकते हैं।
  •  लगातार रेडिएशन एक्सपोजर – पैंट या शर्ट की जेब में फोन रखना शरीर को लगातार EMF के संपर्क में रखता है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं।
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इन बातों का रखें ध्यान

  • फोन को पैंट या शर्ट की जेब में रखने के बजाय बैग में रखना बेहतर है।
  •  यदि जेब में रखना ही हो, तो एयरप्लेन मोड पर रखें या ब्लूटूथ/वाई-फाई बंद कर दें।
  •  लंबे समय तक एक ही जगह फोन न रखें, समय-समय पर इसकी स्थिति बदलते रहें।

 

फोन रखते समय इन बातों का रखें ध्यान
मोबाइल फोन को सोते समय सिर के पास रखना या दिनभर जेब में रखना पूरी तरह से सुरक्षित नहीं है। इसके संभावित दुष्प्रभावों से बचने के लिए फोन का उपयोग सीमित करें, सोते समय इसे शरीर से दूर रखें और जेब में रखने के बजाय बैग या किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर रखने की आदत डालें।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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