महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख व वयोवृद्ध नेता शरद पवार की सेहत सोमवार को अचानक खराब हो गई। उन्हें बारामती से पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। शरद पवार को खांसी और सांस लेने में परेशानी जैसी शिकायतें हैं। यह जानकारी उनके कार्यालय की ओर से दी गई।
बता दें कि शरद पवार महाराष्ट्र और भारत की राजनीति के सबसे प्रभावशाली और अनुभवी नेताओं में से एक हैं। वे राष्ट्रीय कांग्रेस से अलग होकर 1999 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के संस्थापक भी रहे। पवार ने महाराष्ट्र में लंबे समय तक सक्रिय राजनीति की है और कई बार राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उनके नेतृत्व में एनसीपी ने राज्य की राजनीति में मजबूत पकड़ बनाई है और वे कांग्रेस समेत अन्य पार्टियों के साथ गठबंधन सरकारों का अहम हिस्सा रहे हैं।
शरद पवार के भतीजे ने दी जानकारी
एनसीपी प्रमुख के भतीजे श्रीनिवास पवार ने बताया कि पवार को रात से लगातार खांसी हो रही थी और उन्हें सीने में भी जकड़न महसूस हो रही थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल लाया गया। पवार के साथ उनकी पत्नी प्रतिभा पवार, बेटी सुप्रिया सुले और दामाद सादनंद सुले भी अस्पताल पहुंचे। पवार की अस्पताल में कई मेडिकल जांच करवाई गई। वर्तमान में उनका सामान्य वार्ड में उपचार चल रहा है।
रूबी हॉल क्लिनिक के मुख्य कार्डियोलॉजिस्ट और मैनेजिंग ट्रस्टी डॉ. परवेज ग्रांट ने पुष्टि की कि पवार का सीटी स्कैन किया गया। इसमें उनकी छाती में संक्रमण (इंफेक्शन) दिखा।
डॉ. अभिजीत लोढा ने बताया, शारीरिक परिश्रम के कारण उन्हें खांसी और छाती में जकड़न हुई। विभिन्न जांच की गई हैं और इलाज जारी है। उनकी हालत स्थिर है। सभी रिपोर्ट आने के बाद ही उपचार में बदलाव किया जाएगा। उनका ऑक्सीजन स्तर समेत सभी अहम पैरामीटर स्थिर हैं। वह आईसीयू में नहीं हैं, सामान्य कक्ष में हैं।
बरामती से पुणे लगभग 100 किलोमीटर दूर है। अस्पताल में आते ही पवार को व्हीलचेयर में ले जाया गया, लेकिन वाहन से स्वयं बाहर आए। 85 वर्षीय नेता पहले मुंह के कैंसर से भी उबर चुके हैं। हाल ही में उनके भतीजे अजित पवार का 28 जनवरी को विमान हादसे में निधन हुआ, जो महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री थे।








